गृह मंत्री अमित शाह ने देश का पहला जिला सुशासन सूचकांक आज जम्मू में जारी किया

नई दिल्ली :- केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज वर्चुअल माध्यम से जम्मू में भारत का प्रथम जिला सुशासन सूचकांक जारी किया। जम्मू-कश्मीर का जिला सुशासन सूचकांक जम्मू-कश्मीर प्रशासन के सहयोग से प्रशासनिक सुधार तथा सार्वजनिक शिकायत विभाग ने तैयार किया है।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी उपस्थित थे। इस सूचकांक में भारत के सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के लिए जिला स्तर पर सुशासन का बेंचमार्क उपलब्ध कराया गया है। शाह ने कहा कि जिलों के सुशासन सूचकांक से देश के सभी लोगों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इस सूचकांक से जिलों के बीच स्वस्थ स्पर्धा सुनिश्चित होगी।
गृह मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर दशकों तक केवल तीन परिवारों ने राज किया, लेकिन क्षेत्र की जनता के लिए कुछ नहीं किया। मौजूदा शासन की प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए शाह ने क्षेत्र के युवाओं से आग्रह किया कि निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों से गुमराह न हों।
शाह ने कहा कि परिसीमन आयोग की अंतिम रिपोर्ट सरकार को मिलते ही जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराए जाएंगे।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रत्येक जिले के संबंध में दो वर्ष का दृष्टि पत्र बनाया जाना चाहिए, ताकि बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकें। उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं बनाते समय अंतिम कतार में खड़े व्यक्ति को ध्यान में रखा जाना चाहिए। सिन्हा ने कहा कि 2019 के बाद सुशासन की राह से अनेक रूकावटें हटाई गई है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, कार्मिक, पेंशन और जन शिकायत मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार जम्मू-कश्मीर पर विशेष ध्यान दे रही है। डॉ. सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से जिला स्तर सुशासन सूचकांक का कार्यान्वयन ऐतिहासिक कदम है।
