हिंदी दिवस 2024: भारत की सांस्कृतिक और भाषाई धरोहर का जश्न, जानें तिथि, इतिहास और महत्व
हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो 1949 में हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता मिलने की वर्षगांठ का प्रतीक है। इस दिन का उद्देश्य भाषा के महत्व को समझाना और भारतीय समाज में इसके योगदान को सम्मानित करना है।
हिंदी दिवस: तिथि और इतिहास
हिंदी दिवस का इतिहास भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दिनों से जुड़ा हुआ है। 1918 में, हिंदी साहित्य सम्मेलन ने हिंदी को राष्ट्रीय भाषा के रूप में बढ़ावा देने की पहल की। आखिरकार, 14 सितंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया। पहला हिंदी दिवस 1953 में मनाया गया था।
महत्व और उद्देश्य
हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य देश की विविध भाषाई और सांस्कृतिक एकता को प्रदर्शित करना है। इसका लक्ष्य प्रशासन में हिंदी को बढ़ावा देना और लोगों में भाषा के प्रति जागरूकता पैदा करना है। भारत में मंदारिन और अंग्रेजी के बाद हिंदी तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।
समारोह और गतिविधियां
हिंदी दिवस पर पूरे भारत में खासकर स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कविता पाठ, निबंध लेखन, और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं होती हैं। साथ ही, हिंदी में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संगठनों को राजभाषा कीर्ति पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।
हिंदी दिवस का महत्व
हिंदी दिवस का उद्देश्य न केवल भाषा के महत्व को रेखांकित करना है बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और भाषाई धरोहर को संरक्षित करने के प्रति प्रतिबद्धता को भी दोहराना है। यह दिन उन साहित्यकारों और विद्वानों के प्रयासों का सम्मान करता है जिन्होंने हिंदी को राष्ट्र की प्रमुख भाषा के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हिंदी दिवस 2024, 14 सितंबर को मनाया जाएगा, जो हिंदी के प्रचार-प्रसार और इसके महत्व को दर्शाने का एक विशेष अवसर है। यह दिन भारत की भाषाई विविधता और संस्कृति का सम्मान करता है, और हिंदी के प्रति गर्व और जागरूकता को बढ़ावा देता है।
