“राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी सियासी झड़प, आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज”
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हाल ही में मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच एक और सियासी तकरार देखने को मिली। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अदाणी के बीच कथित संबंधों पर सवाल उठाए और उनके ‘एक है तो सेफ है’ नारे को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने धारावी पुनर्विकास परियोजना के संदर्भ में दो पोस्टर दिखाए, जिसमें एक पर पीएम मोदी और अदाणी की तस्वीर थी। इसके बाद भाजपा नेता संबित पात्रा ने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को ‘निचले स्तर’ का बताया और इसे राहुल गांधी की शैली के अनुरूप नहीं माना।
संबित पात्रा ने राहुल गांधी को ‘छोटा पोपट’ करार दिया, जो बाल ठाकरे के शब्दों में एक मजाकिया संदर्भ था। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सांपों को मारने वाली टिप्पणी पर भी भाजपा की प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेताओं का कहना था कि इस तरह की भाषा से कांग्रेस की ‘आपातकालीन मानसिकता’ का पर्दाफाश होता है, जिसमें प्रतिद्वंद्वियों की तुलना सांपों से करना और हिंसा भड़काना शामिल है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा और RSS को ‘जहर’ और ‘खतरनाक’ बताते हुए कहा कि भारत में राजनीतिक रूप से सबसे खतरनाक ताकतें यही हैं और इन्हें ‘सांपों’ के रूप में बयान किया। उन्होंने कहा कि अगर सांप किसी को काट ले तो उसे मार देना चाहिए। इस बयान की भाजपा ने कड़ी आलोचना की, और इसे घृणित बताया।
यह सियासी बहस अब एक नया मोड़ ले चुकी है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर व्यक्तिगत हमले करने से भी नहीं चूक रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने नेताओं के बयानों का समर्थन करते हुए आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज कर दिया है।