“न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता, हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार: सीएम साय”

रायपुर :  लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार दिवंगत शिक्षक पंचायत संवर्ग संघ के परिजनों को वह सम्मान और राहत मिली जिसकी उन्हें बरसों से प्रतीक्षा थी। आज रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर दिवंगत शिक्षक पंचायत संवर्ग संघ के आश्रितों ने अपना आभार प्रकट किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री को गजमाला पहनाकर अभिवादन किया गया, और उन्होंने सभी बहनों को शुभकामनाएं देते हुए आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और किसी के साथ भी अन्याय नहीं होगा।

यह मुलाकात केवल एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि उनके संघर्ष और कठिनाइयों के बीच मिले एक महत्वपूर्ण फैसले की पुष्टि भी थी। गौरतलब है कि 16 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में दिवंगत शिक्षक पंचायत संवर्ग के आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था। इस फैसले ने उन परिवारों के लिए एक नई राह खोली है जो लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे।

संघर्ष की कहानी: लम्बे समय से न्याय की तलाश

दिवंगत शिक्षकों के परिजनों ने पूर्ववर्ती सरकार के दौरान 300 से अधिक दिनों तक लगातार आंदोलन किया था, जिसमें उन्होंने विभिन्न प्रकार के विरोध प्रदर्शन कर अपनी मांगे रखी थीं। इस संघर्ष के दौरान उन्होंने अपनी पीड़ा को सरकार के सामने स्पष्ट रूप से रखा, लेकिन उनकी आवाज को तब अनसुना कर दिया गया था। हालाँकि, अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने उनकी इस पीड़ा को समझा और एक बड़ा निर्णय लेते हुए उन्हें अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार प्रदान किया।

अनुकंपा नियुक्ति का निर्णय: संघर्ष का सुखद परिणाम

मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण निर्णय को लेते हुए कहा कि उनकी सरकार संवेदनशील है और हर परिवार की कठिनाइयों को समझती है। इस फैसले से दिवंगत शिक्षक पंचायत संवर्ग के परिजनों को रोजगार मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। यह निर्णय न केवल एक प्रशासनिक फैसला है, बल्कि सरकार की ओर से एक संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण पहल है, जो उन परिवारों को राहत प्रदान करेगी जो अपने प्रियजनों की असामयिक मृत्यु के कारण गंभीर संकट में थे।

संघ के पदाधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर संघ के प्रमुख पदाधिकारी, संजय श्रीवास्तव और गौरी शंकर श्रीवास भी मौजूद थे। उन्होंने इस निर्णय को ऐतिहासिक करार देते हुए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और कहा कि यह सरकार का बड़ा और सकारात्मक कदम है, जिससे संघ के सभी सदस्यों को राहत मिली है। उन्होंने बताया कि उनके संघ ने लंबी लड़ाई लड़ी थी, लेकिन अब अंततः उनके संघर्ष का सुखद परिणाम सामने आया है।

निष्कर्ष

इस पूरी प्रक्रिया ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही समय पर उठाए गए कदम और जनसंवेदनशील नेतृत्व के साथ संघर्ष का सुखद अंत हो सकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने अपने फैसले से यह साबित किया है कि वह लोगों की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर हैं। यह अनुकंपा नियुक्ति का निर्णय केवल दिवंगत शिक्षक पंचायत संवर्ग के परिजनों के लिए राहत ही नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और धैर्य का सम्मान भी है।