सरकार ने कोरोना महामारी में दबाव झेल रहे बच्चों की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा नहीं करने को कहा
नई दिल्ली :- सरकार ने कहा है कि कोरोना महामारी की स्थिति में दबाव झेल रहे बच्चों की जानकारी, उनकी तस्वीरें और संपर्क सोशल मीडिया पर साझा नहीं किया जाना चाहिए। कानून के अनुसार उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए।
केन्द्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि अगर किसी की जानकारी में कोई ऐसा बच्चा आता है जिसके माता-पिता कोविड महामारी के कारण नहीं रहे हो और उसकी देखभाल करने वाला कोई ना हो, तो बच्चे की सूचना पुलिस, बाल कल्याण समिति या चाइल्ड हेल्प लाइन 1 0 9 8 पर दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों का कानूनी रूप से गोद दिया जाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए अन्यथा यह बालक मानव तस्करी का शिकार हो सकता है। किसी और के बच्चे को गोद लेना या देना कानूनी रूप से अवैध है। अगर कोई किसी अनाथ बच्चे को सीधा गोद लेना चाह रहा हो तो उसे रोका जाना चाहिए। यह अवैध है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने आकाशवाणी से कहा कि ऐसे बच्चे को बाल कल्याण समिति को दिया जाना चाहिए जो बच्चे के हित में आवश्यक कार्रवाई करेगी।
