बॉलीवुड से अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा तक: इंदिरा तिवारी का प्रेरणादायक सफर, संघर्ष, उपलब्धियां और नए आयाम

अभिनेत्री इंदिरा तिवारी ने अपने शानदार अभिनय से हिंदी सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई है। ‘आरक्षण’, ‘नजरबंद’, ‘सीरियस मैन’ और ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ जैसी फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाने के बाद, अब वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। हाल ही में उन्होंने अपने करियर और निजी जीवन से जुड़े कई दिलचस्प पहलुओं को साझा किया। इंदिरा का मानना है कि किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए पारिवारिक सहयोग बेहद जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में बिना संपर्कों के काम मिलना कठिन होता है, लेकिन उनका शुरुआती सफर उम्मीद से कहीं ज्यादा अच्छा रहा। वह बताती हैं कि उन्हें मात्र एक पासपोर्ट साइज फोटो के आधार पर पहला ब्रेक मिला था, और कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने भी हाल ही में अपने शो पर इस घटना का जिक्र किया था।

इंदिरा अपने अभिनय की प्रेरणा त्योहारों से प्राप्त करती हैं। वह कहती हैं कि मुंबई की होली, वसंत पंचमी, गुड़ी पड़वा, गोविंदा, नवरात्रि, और अमिताभ बच्चन के घर की दिवाली उनके लिए एक पाठशाला की तरह रही है। इन अवसरों पर वह लोगों के हाव-भाव, उनके चेहरे के भावों को करीब से देखती हैं और वही उनके अभिनय में झलकता है। उनके लिए अभिनय सिर्फ संवाद बोलना नहीं बल्कि भावनाओं की गहराई को समझकर उन्हें सजीव करना है।

हाल ही में जब उनसे सरोजिनी नायडू पर बन रही फिल्म के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे अपने करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण किरदार बताया। हालांकि, वह फिलहाल इस प्रोजेक्ट के बारे में ज्यादा कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि  https://tenaliramnews.com/ द्वारा इस खबर को प्रकाशित करने के बाद से उन्हें लगातार फोन आ रहे हैं, लेकिन वह इस विषय पर विस्तार से तभी बात करेंगी जब फिल्म रिलीज होगी।

इंदिरा तिवारी अब अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों की ओर बढ़ रही हैं और उन्होंने हाल ही में एक विदेशी फिल्म पूरी कर ली है, जिसकी जानकारी जल्द ही सामने आएगी। उन्हें लगातार कई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म प्रस्ताव मिल रहे हैं, लेकिन वह उन्हीं प्रोजेक्ट्स को स्वीकार करना चाहती हैं जो उनकी भारतीयता और सांस्कृतिक जड़ों से समझौता करने को मजबूर न करें। उन्होंने गर्व से कहा कि उनके लिए उनका देश सबसे पहले है और वह अपनी भूमिकाओं का चयन भी इसी सोच के आधार पर करती हैं। कान फिल्म फेस्टिवल में उनकी उपस्थिति को लेकर जब सवाल किया गया तो उनका उत्साह झलक उठा, हालांकि उन्होंने अपने भावनाओं पर काबू रखते हुए संकेत दिया कि इस बारे में भी जल्द ही एक आधिकारिक घोषणा होगी। उनके बढ़ते करियर और सशक्त अभिनय के चलते यह स्पष्ट है कि इंदिरा तिवारी न केवल बॉलीवुड में बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार हैं।