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धमतरी : जिले के तीन होनहार का हुआ भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन, देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में मिली सफलता

वैभव चौधरी धमतरी। जिले के लिए सोमवार का दिन बेहद खास रहा, जिसका श्रेय जिले के 3 होनहार युवाओं को जाता है। देश की सबसे कठिन परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग में इस बार धमतरी के 3 लोगों ने अपना स्थान बनाया है। खास बात ये है कि इन तीनों होनहारों में से 1 टॉपर जिले की मगरलोड ब्लॉक के ग्राम नवागांव खिसोरा की निवासी है, तो अन्य 2 टॉपर शहर के शांति कॉलोनी व पंचवटी कॉलोनी के निवासी है। जिनके घर आज सुबह से ही बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
मालूम हो कि आज देश की सबसे बड़ी परीक्षा सिविल सर्विसेज का फाइनल रिजल्ट जारी हुआ, जिसमे धमतरी शहर की शांति कॉलोनी के ईशु अग्रवाल, पंचवटी कॉलोनी के प्रखर चंद्राकर और मगरलोड ब्लॉक के नवागांव खिसोरा की पूजा साहू ने चयनित होकर जिले समेत राज्य को गौरवान्वित कर दिया है।
ज़िले के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब एक साथ 3 लोगों ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में अपना परचम लहराया है।

बचपन का सपना हुआ पूरा…

शहर के शांति कॉलोनी निवासी विजय अग्रवाल व सविता अग्रवाल के सुपुत्र ईशु अग्रवाल ने चार्टर एकाउंटेंट की पढ़ाई पूरी करने के बाद तीन साल तक सिविल सर्विसेज की तैयारी में लगे रहने के बाद उन्हें इस बार सफलता मिल ही गई। ईशु अग्रवाल ने यूपीएससी के रिजल्ट में 81 वां स्थान पाकर शहर को गौरवान्वित किया है। ईशु अग्रवाल ने चर्चा में बताया कि उनका बचपन का सपना था सिविल सेवा में चयनित होकर समाज की सेवा करने का। अब पूरा होता दिखाई दे रहा है। आगे ईशु ने बताया कि सेल्फ स्टडी के साथ-साथ ऑनलाईन कोचिंग के माध्यम से यूपीएससी की तैयारी की। उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया।

दूसरे प्रयास में 102वां रैंक किया हासिल….

पंचवटी कॉलोनी निवासी जिला कलेक्ट्रेट में इलेक्शन सुपर वाईजर ओमप्रकाश चंद्राकर के पुत्र प्रखर चंद्राकर ने ऑल इंडिया रैंक 102 हासिल की है। प्रखर शुरू से ही मेघावी छात्र रहा। 12वीं तक की शिक्षा उन्होंने मॉडल इंग्लिश स्कूल से पूर्ण करने के बाद एनआईटी रायपुर से बी-टेक की डिग्री हासिल कर गेट की परीक्षा उत्तीर्ण की। एनटीपीसी में बतौर इंजिनियर के पद पर सर्विस की शुरूआत करते हुए आईईएस का एक्जाम दिया जिसमें सफलता मिलने के बाद उनका चयन रेलवे में सहायक अभियंता के रूप हुआ और उनकी नियुक्ति संबलपुर ओडिसा में हुई।
स्कूली के दिनों से ही प्रखर के मन में आईएएस अफ्सर बनने की तमन्ना थी एक वर्ष पहले यूपीएससी का एक्जाम दिया जिसमें सफलता नहीं मिलने पर फिर से तैयारी कर दुबारा यूपीएससी का एक्जाम दिया और इस बार ऑल इंडिया रैंक में 102वां स्थान प्राप्त किया है। प्रखर ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। प्रखर की माता चंपा चंद्राकर माध्यमिक शाला हटकेशर में प्रधान पाठिका के पद पर पदस्थ है।

ग्रामीण परिवेश की बेटी ने तीसरे अटेम्प्ट हासिल की फतेह…

ज़िले के ग्रामीण परिवेश से निकल कर पूजा साहू ने ऑल इंडिया रैंक 199 हासिल कर एक मिसाल कायम कर दी है। उन्होंने बताया केसीपीएस से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद रायपुर एनआईटी में बायोमेडिकल से इंजीनियरिंग करते ही वह यूपीएससी की तैयारी करने दिल्ली चली गईं। लगातार 2 बार असफल होने के बावजूद उन्होंने पूरी लगान से तैयारी करते हुए तीसरे अटेम्प्ट में कामयाबी का परचम लहरा दिया। पूजा साहू ने बताया कि उन्हें आईएएस, आईपीएस जो भी मिल जाए, उसके अनुरूप वे लोगों की सेवा करना चाहेंगी। पूजा के पिता शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। तो मां मगरलोड में शिक्षिका है। पिता एनआर साहू ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटी का इस तरीके से सफलता प्राप्त करना बड़े गौरव की बात है, वह शुरू से ही प्रतिभाशाली रही है।

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