रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में डीआरडीओ के रक्षा प्रौद्योगिकी परीक्षण केंद्र और ब्रह्मोस विनिर्माण केंद्र की आधारशिला रखी

नई दिल्ली :- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत कभी भी आक्रामक नहीं रहा है, लेकिन शत्रुतापूर्ण इरादे वाले किसी भी देश से अपने लोगों की रक्षा करने के लिए हम हमेशा तैयार हैं।

राजनाथ सिंह आज लखनऊ में रक्षा प्रौद्योगिकी और परीक्षण केंद्र तथा ब्रह्मोस विनिर्माण केंद्र की आधारशिला रखने के बाद बोल रहे थे। ये केंद्र, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा बनाए जा रहे हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने का उद्देश्य एक सुरक्षा कवच तैयार करना है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली भारत और रूस के बीच केवल तकनीकी सहयोग को ही नहीं बल्कि लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक, राजनीतिक और राजनयिक सम्बंधों को भी दर्शाती है।

उन्होंने ब्रह्मोस को दुनिया का सबसे अच्छा और सबसे तेज तथा सटीक-मारक क्षमता वाला हथियार बताया है। उन्होंने कहा कि इसने 21वीं सदी में भारत की विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे।

उत्तर प्रदेश रक्षा आद्योगिक गलियारे (यूपी डीआईसी) में रक्षा और अंतरिक्ष वैमानिकी निर्माण समूहों के तेज विकास के लिए लगभग 22 एकड़ में अपनी तरह का पहला रक्षा प्रौद्योगिकी और परीक्षण केंद्र (डीटीटीसी) स्थापित किया जा रहा है।

ब्रह्मोस एयरोस्पेस का यह ब्रह्मोस विनिर्माण केंद्र, यूपी डीआईसी के लखनऊ नोड में एक अत्याधुनिक सुविधा वाला केंद्र होगा। यहां अगली पीढ़ी के ब्रह्मोस मिसाइल बनाए जाएंगे। यह नया केंद्र अगले दो से तीन वर्षों में बनकर तैयार हो जाएगा। यहां प्रतिवर्ष 80 से 100 ब्रह्मोस-एनजी मिसाइलें बनाई जाएंगी।