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निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : कलेक्टर

वैभव चौधरी धमतरी। मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के तहत नगरी के गट्टासिल्ली में 33/11 केवी का उपकेंद्र बनाया जाना है। कलेक्टर पी.एस.एल्मा ने कार्यपालन अभियंता विद्युत को उपकेंद्र स्थापना की मिली स्वीकृति के मद्देनजर उक्त कार्य को तेजी से करने के निर्देश दिए हैं, जिससे गट्टासिल्ली और आस-पास के 16 गांव के 3000 बिजली उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली उपलब्ध हो। ज्ञात हो कि योजना के तहत 3.15 एमवीए क्षमता का उपकेंद्र स्थापना के लिए गत वर्ष एक करोड़ 96 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सुबह 10 बजे से निर्माण एजेंसियों की एक महती बैठक कलेक्टर ने आहूत की थी। विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान गट्टासिल्ली में 33/11 केवी उपकेन्द्र के प्रगति की जानकारी देते हुए कार्यपालन अभियंता, विद्युत ने बताया कि विभाग द्वारा कार्यादेश जारी कर भूमि सफाई और समतलीकरण कार्य कराया जा रहा है। इसी तरह योजना के तहत नगरी के टांगापानी और सांकरा में 33 केवी के दो नए फीडर भी स्थापित किए जाने हैं। इसके लिए पिछले वित्तीय वर्ष 167 लाख रूपये की स्वीकृति मिली है। कलेक्टर ने फीडर स्थापना भी जल्द करने के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि उक्त फीडर स्थापना से क्षेत्र के विद्युत लाइन में ओवरलोडिंग की समस्या नहीं आएगी और निर्बाध बिजली की आपूर्ति होगी। इसके साथ ही कुल 41 लाख 78 हजार की लागत से 3 नए 11 केवी के फीडर धमतरी के सिलौटी, झिरिया और खरेंगा में स्थापित किए गए हैं। यह भी बताया गया कि बोडरा उपकेंद्र में 54 लाख 54 हजार रूपये की लागत से अतिरिक्त ट्रांसफार्मर क्षमता 3.15 एमवीए स्थापित होने से आठ गांव की बढ़ती विद्युत मांग की पूर्ति संभव हो पाई है। बैठक में कलेक्टर ने रूर्बन मिशन के तहत लोहरसी क्लस्टर में विद्युत विभाग द्वारा गली विद्युतीकरण, ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि इत्यादि के 13 काम को अगले 15 दिनों में पूरा कर लेने के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्रो में दो से तीन लाख रूपये की मरम्मत कार्यों को जल्द पूरा करें। साथ ही गत वर्ष स्वीकृत स्वास्थ्य सेवाएं मद के सभी कार्यों को एक माह के भीतर पूरा करें, अन्यथा संबंधित सब इंजीनियर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साथ ही राम वन गमन पथ के तहत भोयना, नगरी और नवागांव (मगरलोड) में बनाए जा रहे स्वागत द्वार के काम को भी एक माह में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। नवीन तहसील भवन निर्माण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि भखारा में तहसील भवन के लिए 71.12 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। फिलहाल स्लैब सेंटरिंग कार्य प्रगति पर है। कलेक्टर ने इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर एल्मा ने वर्ष 2022-23 के बजट में शामिल भवन कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं सीजीआरआईडीसीएल योजनान्तर्गत शामिल सड़क और पुल कार्यों की समीक्षा के दौरान कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग ने बताया कि योजना के तहत 82.20 किलोमीटर लंबी कुल आठ सड़कें ली गई हैं, जिसकी कुल लागत 13877.84 लाख रूपये है। इनमें से सात कार्य प्रगति पर तथा एक कार्य वन व्यपवर्तन के तहत प्रक्रियाधीन है। इसी तरह जमा मद में 60 लाख रूपये की लागत से धमतरी में नवीन आबकारी नियंत्रण कक्ष निर्माण का कार्य जारी है, जिसमें स्लैब लेवल का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा 2022-23 के बजट में पांच सड़क और पुल के कार्यों को लिया गया है, जिसकी कुल लंबाई 30.33 किलोमीटर तथा प्रशासकीय स्वीकृति 5526.53 लाख रूपये है। इनमें से दो काम प्रगति पर है। कलेक्टर ने शेष कार्यों को भी जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने एशियन डेवलपमेंट बैंक लोन 3 परियोजना के तहत जिले में कराए जा रहे चार सड़क कार्यों की प्रगति की करते हुए इन्हें समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। ज्ञात हो कि एडीबी के तहत जिले में कुल 164.71 किलोमीटर लंबी चार सड़कें बनाई जा रहीं हैं। प्रोजेक्ट मैनेजर एडीबी ने बताया कि रायपुर के टिकरापारा से पुराना धमतरी मार्ग तक बनाई जा रही एडीबी की सड़क में धमतरी जिले के भखारा-सेमरा-धमतरी (पुराना धमतरी) मार्ग तक कुल 32.35 किलोमीटर लंबी सड़क सम्मिलित है। इसी तरह कुरूद-मेघा से खिसोरा पाण्डुका तक बनाई जा रही सड़क में जिले की 28.48 किलोमीटर लंबी सड़क, कुरूद- मेघा- मगरलोड- अमलीडीह – धौंराभाठा- खिसोरा तक निर्माणाधीन है। परियोजना के तहत  बुड़ेनी- नवापारा से भोयना तक बनाई जा रही तीसरी सड़क  के तहत धमतरी जिले में 66.08 किलोमीटर लंबी सड़क परसवानी-मगरलोड-मोहंदी-बोरसी- भोयना में बनाई जा रही है। इसके अलावा कल्ले, अंवरी, सेमरा, गाड़ाडीह, हंचलपुर, कुर्रा, बागतराई, आमदी में 37.80 किलोमीटर लंबी सड़क एडीबी के तहत बनाई जा रही है।
छत्तीसगढ़ ग्रामीण विकास अभिकरण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सतह नवीनीकरण के 32 कार्यों में से 13 कार्य शेष हैं तथा 19 कार्यों में सीसी निर्माण कार्य पूर्ण, शोल्डर कार्य प्रगतिरत है। कलेक्टर ने बारिश से पहले शोल्डर मरम्मत का कार्य पूर्ण करा लेने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पहले, दूसरे और तीसरे चरण में पांच वर्ष की संधारण अवधि वाले कुल 28 सड़कों का संधारण ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 25 किलोमीटर लंबाई की कुल तीन सड़कों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। इसके लिए कुल 870 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। वहीं योजना के तहत संधारण अवधि के 60 कार्य हैं तथा मुख्यमंत्री ग्राम गौरवपथ योजना के तहत कुल तीन किलोमीटर की तीन सीसी रोड सह नाली निर्माण कार्य 235 लाख रूपये की लागत से शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर ने नगरी के आमगांव, धमतरी के दर्री और कुरूद के सिर्री में स्वीकृत इन तीनों गौरवपथ कार्यों को सितम्बर माह से पहले पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में कलेक्टर ने क्रेडा के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। सहायक अभियंता क्रेडा ने बताया कि सौर सुजला योजना के तहत लक्षित 200 सोलर पम्प स्थापना के विरूद्ध अब तक 170 सोलर पम्प स्थापित, 30 प्रगति पर है। इसके लिए कुल पांच करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसी तरह गोधन न्याय योजना के तहत पांच बायोगैस संयंत्र स्थापित कर लिया गया है तथा वन विभाग के लक्षित 100 में से 78 हितग्राहियों के यहां बायोगैस संयंत्र स्थापना हेतु सर्वे पूर्ण कर लिया गया है। शेष सर्वे कार्य प्रक्रियाधीन है। बैठक के अंत में कलेक्टर ने जिले में चल रहे सभी निर्माण कार्यों में गति लाते हुए उन्हें गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि गुणवत्ता के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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