मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बसंत साहू को हेलन केलर अवार्ड पाने पर दी शुभकामनाएं
रायपुर : धमतरी जिले के कुरूद में रहने वाले दिव्यांग समाजसेवी और चित्रकार बसंत साहू ने अपने जीवन के संघर्षों और उपलब्धियों से यह सिद्ध कर दिया है कि आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है। उनकी कला न केवल छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाती है, बल्कि समाज में समावेशिता और समानता का संदेश भी देती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें उनके जन्मदिन पर बधाई देते हुए हेलन केलर अवार्ड 2024 से सम्मानित होने पर भी शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बसंत साहू का जीवन प्रेरणा का स्रोत है और उनके प्रयासों से समाज को नई दिशा मिल रही है।
बसंत साहू की पहचान एक कुशल चित्रकार और समर्पित समाजसेवी के रूप में है। उनकी चित्रकारी में छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, पारंपरिक परिधान और समाज की ज्वलंत समस्याओं का अनोखा समन्वय देखने को मिलता है। उनकी कलाकृतियाँ न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी प्रशंसा पा चुकी हैं। उनके चित्र राष्ट्रपति भवन, दिल्ली संग्रहालय, और अन्य प्रतिष्ठित स्थानों पर प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अलावा, उनकी कला को यूएसए, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी सराहा गया है।
कला और समाज के प्रति प्रतिबद्धता
बसंत साहू ने अपनी कला को केवल रचनात्मकता तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे समाज के लिए एक साधन बनाया। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को विश्व मंच पर प्रस्तुत किया। उनके चित्रों में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन, उत्सवों और सामाजिक समस्याओं का जीवंत चित्रण मिलता है। साथ ही, उन्होंने दिव्यांगजनों के अधिकारों और समान अवसरों के लिए लगातार संघर्ष किया। हेलन केलर अवार्ड से सम्मानित होना उनके इन अद्वितीय प्रयासों की सजीव पहचान है।
आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की मिसाल
बसंत साहू का जीवन यह सिखाता है कि शारीरिक बाधाएँ केवल मानसिक चुनौतियाँ हैं, जिन्हें दृढ़ निश्चय और सकारात्मक सोच से पार किया जा सकता है। उन्होंने अपनी दिव्यांगता को कभी भी अपनी राह में बाधा नहीं बनने दिया। उनकी इस सोच ने उन्हें न केवल कला के क्षेत्र में सफलता दिलाई, बल्कि समाजसेवा के क्षेत्र में भी उनकी एक अलग पहचान बनाई। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को समान अवसर और अधिकार मिलना चाहिए, ताकि एक समावेशी समाज का निर्माण हो सके।
बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा
बसंत साहू का जीवन उन बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। उन्होंने यह दिखाया कि यदि मन में दृढ़ संकल्प और लक्ष्य की स्पष्टता हो, तो कोई भी व्यक्ति अपनी सीमाओं को पार कर सकता है। उनके चित्र और समाजसेवा से जुड़ी कहानियाँ हर किसी के भीतर आत्मविश्वास का संचार करती हैं।
मुख्यमंत्री की शुभकामनाएँ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बसंत साहू के साथ आत्मीय चर्चा में उनकी उपलब्धियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जल जगार कार्यक्रम में उनसे मिलकर प्रेरणा मिली थी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बसंत साहू ने यह सिद्ध कर दिया है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए व्यक्तिगत प्रयास कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
भविष्य के लिए प्रतिबद्धता
बसंत साहू ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे आने वाले समय में भी समाज को बेहतर बनाने के लिए अपने प्रयास जारी रखेंगे। उनका लक्ष्य है कि हर व्यक्ति को समाज में समान अधिकार और अवसर मिलें। उनकी यह सोच और प्रतिबद्धता समाज के लिए एक प्रकाशस्तंभ की तरह है।
बसंत साहू की कहानी हमें यह सिखाती है कि जीवन की कठिनाइयाँ हमें रोक नहीं सकतीं। उनके कार्य और सोच से प्रेरित होकर हम सभी समाज को एक बेहतर स्थान बनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
