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Video: बस्तर की जनजातीय संस्कृति को विश्व पटल पर पहुंचाने छत्तीसगढ़ शासन प्रतिबद्ध : विधायक बेंजाम

सतीश साहू

जगदलपुर। महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर भारत की नियाग्रा कहे जाने वाले विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के तट पर मंगलवार 1 मार्च को तीन दिवसीय चित्रकोट महोत्सव का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां दुर्गा तथा दंतेश्वरी की छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम ने इस भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह बस्तर की जनजातीय संस्कृति को विश्व पटल पर पहुंचाने का एक सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि बस्तर की लोक संस्कृति सहज और सरल होने के साथ ही अत्यंत आकर्षक भी है, जिससे पूरे विश्व को परिचित कराने की आवश्यकता है तथा इस दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बहुत ही सराहनीय प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष तथा नारायणपुर विधायक चन्दन कश्यप ने कहा कि चित्रकोट महोत्सव बस्तर की अनेक जनजातीय संस्कृतियों का मिलन स्थल है। यहां महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर लगने वाले मेले में जहां अपने परिचितों और नाते रिश्तेदारों से मिलने का अवसर मिलता है वहीं यहां की स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद उठाने का सौभाग्य भी प्राप्त होता है, इसलिए ऐसे सुअवसर का भरपूर आनंद उठाना चाहिए। संसदीय सचिव और जगदलपुर विधायक रेखचन्द जैन ने पर्यटन मानचित्र में चित्रकोट के स्थान को अद्वितीय बताते हुए कहा कि चित्रकोट महोत्सव के आयोजन के कारण इसकी प्रसिद्धि में दिनोंदिन वृद्धि हो रही है। उन्होंने बस्तरिया लोक परम्परा में मेले मंडई को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके बहाने लोगों को एक दूसरे से मिलने-जुलने का अवसर मिल जाता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे ही एक छोटे से मेले से यह चित्रकोट महोत्सव का रूप ले चुका है, जहाँ बस्तर की अलग-अलग जनजातियों के साथ ही प्रदेश की विभिन्न लोक संस्कृति के दर्शन भी होते हैं। चित्रकोट महोत्सव के अवसर पर आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में रहने वाली खेल प्रतिभाओं को भी आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां आयोजित विकास प्रदर्शनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अंचल की जनता की समृद्धि के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी मिलती है। मंचीय कार्यक्रम प्रारंभ होने के पूर्व यहां आयोजित खेलकूद प्रतियोगिताओं का आनंद जनप्रतिनिधियों ने भरपूर उठाया। चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने यहां आयोजित कबड्डी और वॉलीबॉल के मैचों का आनंद लिया।

चित्रकोट महोत्सव में बस्तरिया जनजातीय परिधानों पर आधारित फैशन शो प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा। दरभा विकासखण्ड के 28 प्रतिभागियों ने बस्तर में प्रमुखता से पाई जाने वाली मुरिया, माड़िया, धुरवा और हल्बा जनजाति द्वारा पहने जाने वाले परिधानों व आभूषणों के साथ रैम्प पर चलकर दर्शकों का मन मोह लिया। चित्रकोट महोत्सव के पहले दिन सुकमा के लोकनर्तकों द्वारा मंडई नृत्य, दंतेवाड़ा जिले के कावड़गांव और बस्तर जिले के आंजर के लोकनर्तकों द्वारा गौर नृत्य, लामकेर के लोकनर्तकों द्वारा गेड़ी नृत्य व बकावण्ड के लोकनर्तकों द्वारा ओड़िया कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही आनंदिता तिवारी भूमिका साहा ने कत्थक नृत्य प्रस्तुत किया, जिनका भरपूर आनंद दर्शकों ने लिया। जसगीत गायिका जसमीत कौर द्वारा भक्ति गीतों की प्रस्तुति तथा रास परब संस्था द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी दर्शकों के मन को लुभाया।

इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष महेश बघेल, कलेक्टर रजत बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित व्यास, अपर कलेक्टर अरविंद एक्का सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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