स्वच्छ भारत मिशन में छत्तीसगढ़ ने नया आयाम रचा: सीएम साय ने डी स्लज वाहनों को दिखाई हरी झंडी

रायपुर:  छत्तीसगढ़ में “राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)” के अंतर्गत एक ऐतिहासिक पहल के तहत मुख्यमंत्री साय ने डी-स्लज वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा देना और ग्रामीणों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण प्रदान करना है। इस पहल से गांवों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्वच्छता को एक जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया और इसके महत्व पर जोर दिया।

दूसरी ओर, श्रीरामलला के नवनिर्मित मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा का अद्वितीय और ऐतिहासिक क्षण हर भारतीय के लिए “रामयुग” की वापसी का प्रतीक बन गया। छत्तीसगढ़ के हर घर में दीपों की रोशनी से भगवान राम के इस भव्य अवसर का उल्लासपूर्वक स्वागत किया गया। “श्रीराम ज्योति” प्रज्वलित कर यह सुनिश्चित किया गया कि यह खुशी और श्रद्धा का प्रकाश प्रत्येक दिल में जगमगाए। राज्य भर में विशेष आयोजन किए गए, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के चरणों में श्रद्धा व्यक्त की और उनकी शिक्षा एवं आदर्शों को जीवन में अपनाने का प्रण लिया।

इस अनुष्ठान के माध्यम से न केवल आध्यात्मिकता और संस्कृति का प्रसार हुआ, बल्कि रामराज्य की अवधारणा को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक नई प्रेरणा मिली। मुख्यमंत्री सहित राज्य के प्रमुख नेताओं और समुदाय के सदस्यों ने मिलकर भगवान राम के इस ऐतिहासिक क्षण को हृदय से अपनाया और इस बात पर जोर दिया कि श्रीराम के आदर्श सदैव मानवता और नैतिकता का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

इस अवसर पर “भांचा राम” की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना की गई और गांवों के ग्रामीण वातावरण में रामायण की कथाओं को जीवंत किया गया। मंदिर परिसर में हर्ष और उल्लास का माहौल बना रहा, जहां बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक भगवान राम की महिमा में डूबे हुए थे।

आइए, हम सभी इस पावन क्षण में भगवान राम के चरणों में समर्पित होकर उनकी शिक्षा और आदर्शों को अपनाएं और रामराज्य की स्थापना का संकल्प लें। यह केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों की पुनः स्थापना की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।