केन्द्र ने कोविड से संबंधित महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ को पत्र लिखा

नई दिल्ली :- केन्द्र ने कोविड-19 की जांच, इसका फैलाव रोकने के अभियान, अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं और टीकाकरण से संबंधित केन्द्रीय स्वास्थ्य दलों की रिपोर्टों पर महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ को पत्र लिखा है। केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों से इस संबंध में उचित कदम उठाने को भी कहा है।

महाराष्ट्र सरकार को लिखे पत्र में  भूषण ने कहा है कि सतारा, सांगली और औरंगाबाद में महामारी के प्रकोप को रोकने के उपायों में सुधार किया जाना चाहिए। सतारा, भंडारा, पालघर, अमरावती, जालना और लाटूर में जांच के परिणामों में देरी हो रही है। अहमद नगर, औरंगाबाद, नागपुर और नंदूरबार में कोरोना के मरीजों को भर्ती करने के लिए बिस्तरों की कमी है। भंडारा, उस्मानाबाद और पुणे में मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी पाई गई है। सतारा और लाटूर जिले में वेंटीलेटर खराब मिले हैं।

केन्द्रीय दल ने औरंगाबाद, नंदूरबाद, यवतमाल, सतारा, पालघर, जलगांव और जालना में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी होने की रिपोर्ट दी है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने महाराष्ट्र के सर्वाधिक प्रभावित 30 जिलों में 30 केन्द्रीय स्वास्थ्य दलों की तैनाती की है।

पंजाब सरकार को लिखे पत्र में भूषण ने पटियाला और लुधियाना में संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने पर जोर देने को कहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए। पटियाला, सरदार अजीत सिंह नगर और रूप नगर में भी स्वास्थ्य कर्मियों की कमी की खबरे मिली हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य दल ने पटियाला और लुधियाना में टीकाकरण की रफ्तार कम होने की रिपोर्ट दी है।

सचिव भूषण ने छत्तीसगढ़ सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि केन्द्रीय दल ने रायपुर और जशपुर में निषिद्ध क्षेत्रों में नियंत्रण संबंधी मानक पूरे नहीं होने की रिपोर्ट दी है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि कोरबा, दुर्ग और बालोद में आर.टी.पी.सी.आर. जांच सुविधाओँ की कमी है। बालोद, रायपुर, दुर्ग और महासमंद के अस्पतालों में बिस्तरों की कमी है।
सचिव भूषण ने कहा कि जिला प्रशासन को अस्पतालों का बुनियादी ढांचा तैयार करना चाहिए। केन्द्रीय स्वास्थ्य दल को रायपुर में ऑक्सीजन की सीमित उपलब्धता और  इसकी बर्बादी की जानकारी मिली है।