केंद्र ने कोविड के नये वॉरिएंट ओमिक्रॉन के कारण मास्क के कम उपयोग पर चेताया

नई दिल्ली :- स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने बताया है कि देश भर में अब तक ओमीक्रॉन के 25 रोगियों की पहचान की गई है। इन सभी में हल्‍के लक्षण हैं। कल नई दिल्‍ली में संवाददाता से बातचीत करते हुए मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कुल वेरिएंट के शून्‍य दशमलव शून्‍य चार प्रतिशत की जांच हुई है।

उन्‍होंने कहा कि 24 नवम्‍बर तक केवल दो देशों में ओमीक्रॉन वेरिएंट की पुष्टि हुई थी और अब 59 देशों में दो हजार नौ सौ 36 ओमीक्रॉन के मामलों की पुष्टि हुई है। इसके अलावा 78 हजार से अधिक संभावित मामलों की पहचान की गई है, जिनकी जिनोम सीक्वन्सिंग चल रही है।

अग्रवाल ने कहा कि विदेशों से आने वाले यात्रियों की प्रभावी जांच और निगरानी की जा रही है और स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं को बढाया जा रहा है। राज्‍यों ने विदेशों से आने वाले यात्रियों की जांच और निगरानी बढा दी है।

भारतीय आयुर्विज्ञान चिकित्‍सा परिषद के महानिदेशक बलराम भागर्व ने कहा कि ओमोक्रॉन वेरिएंट के मद्देनजर प्रतिदिन वैश्विक स्‍तर और भारत में कोविड की स्थिति की निगरानी के लिए नियमित बैठकें हो रही हैं। उन्‍होंने कहा कि पांच प्रतिशत से अधिक संक्रमण दर होने से जिला स्‍तर पर प्रतिबंधों को बढा दिया जाएगा।

नीति आयोग के स्‍वास्‍थ्‍य सदस्‍य डॉ. वी.के. पॉल ने कहा कि मास्‍क के इस्‍तेमाल में कमी आ रही है। हमें यह ध्‍यान रखना चाहिए कि दोनों टीका लगवाना और मास्‍क पहनना बहुत ही आवश्‍यक है। इस संबंध में विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने भी चेतावनी जारी की है कि इससे ओमीक्रॉन के मामले बढ सकते हैं।