“अटल जयंती पर सुशासन दिवस का उत्सव: मुख्यमंत्री साय ने माल्यार्पण कर छत्तीसगढ़ विकास के प्रति संकल्प व्यक्त किया”

रायपुर :  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के अवंति विहार चौक में आयोजित एक गरिमामय समारोह में भारत रत्न और छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाते हुए मुख्यमंत्री ने अटल जी के नेतृत्व, दूरदृष्टि और जनसेवा के प्रति उनकी अडिग प्रतिबद्धता को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी न केवल एक महान नेता थे, बल्कि छत्तीसगढ़ की भावनाओं और आवश्यकताओं को समझने वाले एक संवेदनशील राजनेता भी थे।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अटल जी ने अपने जीवन में उच्च मूल्यों और जनसेवा को सर्वोपरि रखा। उनका दूरदर्शी नेतृत्व और नीतिगत निर्णय आज भी देश और छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और यहां के लोगों को स्वाभिमान के साथ जीने और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के विकास की वर्तमान दिशा और उसकी सफलता में अटल जी के योगदान को सराहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी के मूल्यों और विचारों को आत्मसात कर, हमें उनकी दूरदृष्टि को साकार करने में जुटना होगा। सुशासन दिवस के इस विशेष अवसर पर, उन्होंने राज्य के सभी नागरिकों और अधिकारियों से आह्वान किया कि वे सुशासन की भावना को बनाए रखते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार अटल जी के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए समर्पित है।

इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सरकारी अधिकारी और नेता उपस्थित थे। अटल जी की प्रतिमा के समक्ष फूल-मालाओं से सजाए गए स्थल पर मुख्यमंत्री ने भावनात्मक संबोधन के साथ सभी को प्रेरित किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अटल जी का नेतृत्व और उनके विचार आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और उनकी दूरदृष्टि का अनुसरण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि वे अटल जी की शिक्षाओं को अपनाएं और सुशासन की भावना को बनाए रखते हुए सामाजिक और आर्थिक समृद्धि की दिशा में योगदान दें। यह आयोजन श्रद्धा और प्रेरणा का प्रतीक बन गया, जिसमें अटल जी के प्रति गहरी श्रद्धा और उनके आदर्शों के प्रति वचनबद्धता नजर आई।