“सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस 2025: पूर्व सैनिकों के साहस और बलिदान को सलाम, प्रधानमंत्री मोदी और सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने दी श्रद्धांजलि”
हर साल 14 जनवरी को सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस मनाया जाता है, जो सशस्त्र बल के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल के एम करियप्पा की सेवाओं को मान्यता देने के लिए आयोजित किया जाता है। 1953 में इसी दिन फील्ड मार्शल करियप्पा ने सेना से सेवानिवृत्त होकर एक ऐतिहासिक मील का पत्थर तय किया था। यह दिवस सबसे पहले 2016 में मनाया गया था और अब यह हर वर्ष पूरे देश में मनाया जाता है, इस बार इसका आयोजन 9वीं बार हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व सैनिकों के योगदान को याद करते हुए उनके साहस, कर्तव्य और बलिदान को उच्चतम स्तर पर मान्यता दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हम उन बहादुर महिलाओं और पुरुषों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने अपने जीवन को राष्ट्र की रक्षा में समर्पित किया। उनका त्याग और अडिग समर्पण हम सबके लिए प्रेरणास्त्रोत है। हमारी सरकार ने हमेशा पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए कदम उठाए हैं, और हम भविष्य में भी यही करते रहेंगे।” यह संदेश ने एक बार फिर से यह पुष्टि की कि भारतीय सरकार सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों के सम्मान में अपना लगातार समर्थन बनाए रखेगी।
इस खास दिन को लेकर भारतीय सेना के प्रमुख, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पुणे में स्थित आर्टिफिशियल लिम्ब सेंटर का दौरा किया। इस दौरान, उन्होंने सेंटर की अत्याधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण किया और वहां काम कर रहे विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की। सेंटर की भूमिका कृत्रिम अंगों के क्षेत्र में नई तकनीकी क्रांति की तरह महत्वपूर्ण है, और यह उन सैनिकों के लिए एक बड़ी राहत है, जो युद्ध के दौरान घायल होने के बाद अपनी सेवा में लौटने के लिए पुनर्वास की आवश्यकता महसूस करते हैं।
जनरल द्विवेदी ने पूर्व सैनिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा, “यह दिन हमारे लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि हम उन बहादुर सैनिकों को सम्मानित कर रहे हैं जिन्होंने इस देश की सेवा में अपने मूल्यवान समय को समर्पित किया। हमारे पूर्व सैनिक समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकारों के साथ मिलकर सेना की मान्यता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पूर्व सैनिकों को बेहतर तरीके से शामिल किया जा सके और उनका योगदान सभी स्तरों पर पहचाना जा सके।
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने ‘स्पर्श’ पोर्टल पर भी कुछ विचार साझा किए, जिसे भ्रष्टाचार कम करने और पूर्व सैनिकों के मामलों को स्वचालित तरीके से सुलझाने के लिए शुरू किया गया था। उन्होंने कहा, “हम धीरे-धीरे सीख रहे हैं और सुधार की दिशा में कार्य कर रहे हैं। यह सब काम सही दिशा में हो रहा है, और इसके जरिए हम पूर्व सैनिकों के समक्ष आने वाली समस्याओं को आसानी से सुलझा रहे हैं।”
सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस पर देशभर में आयोजित कार्यक्रमों ने एक बार फिर उन बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि दी है, जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर देश की अखंडता की रक्षा की है। इस दिन का महत्व न सिर्फ इस कठिन सेवा को सम्मानित करने के रूप में है, बल्कि यह देशवासियों के बीच उन असाधारण योद्धाओं के प्रति आभार और सम्मान को मजबूत करने के रूप में भी उभर कर सामने आया है।
