निर्मला सप्रे मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, विधानसभा अध्यक्ष पर छोड़ा निर्णय
विधायक निर्मला सप्रे के दल-बदल मामले में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी विधायकी रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि निर्मला सप्रे की भाजपा सदस्यता को लेकर कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं और विधानसभा अध्यक्ष को जल्द फैसला लेने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीना विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ दल-बदल का आरोप लगाते हुए उनकी सदस्यता खत्म करने की मांग की थी और हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि दल-बदल की प्रक्रिया विधानसभा स्तर पर जारी है और ऐसा कोई दस्तावेज भी नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि निर्मला सप्रे को आधिकारिक रूप से कांग्रेस से निष्कासित किया गया हो। निर्मला सप्रे ने 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर बीना सीट से चुनाव जीता था, जिसके बाद भाजपा में शामिल होने के आरोपों को लेकर विवाद शुरू हुआ था।
