नाबालिग सौतेली बेटी का यौन शोषण, पिता को उम्रकैद
बिलासपुर। सौतेली बेटी को गर्भवती बनाने वाले पिता को जिला न्यायालय की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश पूजा जायसवाल की कोर्ट ने अपने फैसले में तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने एक बच्ची के विश्वास और संरक्षण के अधिकार का घोर उल्लंघन किया है। इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़िता को 7 लाख रुपए का मुआवजा देने की भी अनुशंसा की है।
गौरतलब है कि पीड़िता की मां को उसका पहला पति कोरोना के दौरान छोड़कर चला गया था। इसके बाद महिला ने आरोपी के साथ ‘चूड़ी विवाह’ कर लिया और दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे। आरोपी अपनी पत्नी और उसकी 11 वर्षीय बेटी के साथ मुंबई चला गया। जहां वह एक निर्माणाधीन इमारत में गार्ड का काम करने लगा। इसकी शुरुआत 15 जुलाई 2023 को हुई, जब आरोपी बच्ची को एक सुनसान बिल्डिंग में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची ने अपनी मां को यह बात बताने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसकी मां को जान से मारने और उन्हें बेसहारा छोड़कर चले जाने की धमकी दी। इस कारण बच्ची चुप रही और आरोपी लगातार रतनपुर स्थित गांव के किराए के मकान पहुंचने तक शारीरिक शोषण करता रहा।
इसका खुलासा दिसंबर में आयुष्मान सर्वे के दौरान मितानिन स्मृति गोपाल की नजर बच्ची पर पड़ने से हुई। उसे बच्ची का पेट असामान्य रूप से फूला होने पर संदेह हुआ। उसने इसकी जानकारी बच्ची की मां को दी और उसे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। सिम्स अस्पताल में कराई गई सोनोग्राफी रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बच्ची 8 माह की गर्भवती है। इसके बाद मामला थाना पहुंचा। 16 जुलाई 2024 को रतनपुर थाने में मामले दर्ज किया गया। बच्ची की मां ने कुछ नशेड़ी युवकों पर संदेह जताया था। रतनपुर टीआई रजनीश सिंह को सौतेले पिता पर शक हुआ। पुलिस ने नवजात शिशु और आरोपी के रक्त के नमूने रायपुर स्थित राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा। जहाँ डीएनए के मैच खाने की पुष्टि हुई।
