जमीन पर तालाब निर्माण को लेकर दो पक्ष भिड़े, एसडीएम ने मांगी रिपोर्ट
मुंगेली। मुंगेली में मनरेगा के तहत स्वीकृत एक नए तालाब के निर्माण को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए। जनपद पंचायत लोरमी के ग्राम पंचायत राम्हेपुर (N) के सरपंच, उपसरपंच और तमाम पंचों के हस्ताक्षर वाला आवेदन एसडीएम लोरमी और सीईओ जनपद पंचायत लोरमी को सौंपा गया है। इस शिकायत पत्र में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि ग्राम पंचायत राम्हेपुर में मनरेगा योजना के अंतर्गत एक नया तालाब स्वीकृत हुआ है, लेकिन आंछीडोंगरी गांव के रामकुमार साहू ने उस शासकीय भूमि पर कब्जा कर लिया है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उन्हें समझाने और मना करने की कोशिश की, तो उन्होंने तालाब निर्माण कार्य रोकने की बात कही। इसके कारण जनहित का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अतिक्रमण को हटाने और ऐसा न होने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी।
इस मामले में रामकुमार साहू पर शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया है। उसने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने उनके इस दावे की पुष्टि के लिए आधिकारिक दस्तावेज (फार्म-ए) सामने लाए हैं। उसके मुताबिक, तहसीलदार कृषि प्रयोजन के लिए भू-राजस्व संहिता 1959 के तहत ‘भूमि-स्वामी अधिकारों की मंजूरी के लिए पट्टा’ आवंटित किया गया है।
अब स्थिति यह है कि जहां ग्राम पंचायत इसे शासकीय भूमि बताकर जनहित में तालाब निर्माण के लिए कब्जा मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ रामकुमार साहू के पास साल 2018 का पट्टा था। एसडीएम लोरमी ने इस पर जनपद से रिपोर्ट मांगी है।
