सीएम की शाबासी के दस दिन बाद अरुणिमा के भरथरी गायन, वादन ने फिर बटोरी सुर्खियां
रायपुर | राजधानी की दस वर्षीय अरुणिमा शर्मा ने मुक्ता काशी मंच में भरथरी गायन के जन्म प्रसंग पर बेहतरीन प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया| दस दिन के भीतर यह दूसरा अवसर है ज़ब उनके गायन, वादन के साथ साथ लोककला प्रदर्शन को फिर से बड़े मंच पर भरपूर प्रतिसाद मिला| इसके पहले 30 मई के कार्यक्रम में सीएम विष्णुदेव साय ने मंच से ही अरुणिमा का नाम लेकर उनके गायन वादन की तारीफ़ की थी|
छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा रायपुर के महंत घांसीदास संग्राहालय में आयोजित आकार 2026 कला प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर विभिन्न विधाओं के प्रशिक्षु कलाक़ारों ने अपनी कलाओ का प्रदर्शन किया|
इसी शिविर में अरुणिमा ने भी भरथरी गायन पर कलागुरु प्रांजल सिंह राजपूत से भरथरी कला की शिक्षा ली|
अरुणिमा की भरथरी गायन पर यह पहली मंचीय प्रस्तुति थी| इसमें उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरी|
अरुणिमा ने इससे पहले लोकगीत, हिंदी गीत, ग़ज़ल, भजन और शास्त्रीय संगीत पर प्रस्तुति देकर इतनी कम उम्र में ही लोहा मनवाया है| बस्तर आइडल, राजनांदगाव मड़ई, मोहनम, इंडियन आर्ट फेस्टिवल में भी ख़िताब जीता है|
30 मई को राममंदिर परिसर में प्रेस क्लब के पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव के शुभारम्भ सत्र में राजगीत अरपा पैरी के धार का.. हारमोनियम वादन के साथ गायन कर सब को आश्चर्य में डाल दिया| अद्भुत प्रतिभा की धनी नन्ही उस्ताद अरुणिमा शर्मा को इस अवसर पर सीएम साय ने अपने प्रारम्भिक उदबोधन में ही नाम लेकर शाबासी दी और कहा कि इतनी छोटी से उम्र में इतनी बढ़िया गायकी वह भी हारमोनियम के साथ… अद्भुत है, उन्होंने न सिर्फ उज्ज्वल भविष्य कि शुभकामनायें दी बल्कि बाल कलाकार कि तस्वीरे भी सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की है.
मंगलवार 9 जून को मुक्ता काशी मंच पर आकार 2026 के समापन समारोह की शुरुआत में जैसे ही अरुणिमा ने हारमोनियम पर उंगलियां फेरी और वन्देमातरम गायन शुरू किया| वैसे ही तस्वीर और वीडियो बनाने वाले की होड़ लग गईं| इसके बाद राजगीत की प्रस्तुति ने भी पुरे दर्शकदीर्घा को एक सुर में बाँध कर रख दिया| बस फिर क्या था मंच से नीचे जाते ही हर तरफ अरुणिमा का ही नाम गूंजने लगा, उसके साथ तस्वीरे और सेल्फी लेने वालों की होड़ लग गईं|
इसके बाद भरथरी गायन के जन्मप्रसंग की कथा और गीत ने ऐसा समा बाँधा की लोग झूमने लगे और ज़ब…. हर हर, हर हर भोला, गुरु महादेव… की धुन बजी और आद्या ने गाना शुरू किया तो श्रोता दोनों हाथ उठाकर नाचने लगे| भरथरी गायन में भी अरुणिमा ने इतनी कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा को साबित कर दिया| इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, शशांक शर्मा, मोना सेन, संस्कृति विभाग के संचालक संजय कन्नौजे, लोकगायक सुनील सोनी आदि उपस्थित थे|
