प्रशासनिक उदासीनता से जिला पंचायत परिसर में खड़े ई-रिक्शा कबाड़ में तब्दील हुए
बीजापुर। जिला पंचायत परिसर में वर्षों से खड़े ई-रिक्शा कबाड़ में तब्दील हो गये हैं, लेकिन इन्हें लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता लगातार बनी हुई है। शासन द्वारा हितग्राहियों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने और आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खरीदे गए ई-रिक्शा वितरण के इंतजार में पड़े-पड़े खराब हो गए, जबकि योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक आज तक नहीं पहुंच पाया।
मिली जानकारी के अनुसार इन ई-रिक्शाओं को कई वर्ष पूर्व जिला पंचायत परिसर में लाकर रखा गया था। वितरण प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण वाहन वहीं खड़े रह गए। इस दौरान जिले में कई मुख्य कार्यपालन अधिकारी आए और स्थानांतरित हो गए, लेकिन किसी ने भी इस मामले को गंभीरता से लेकर समाधान निकालने की पहल नहीं की। लंबे समय तक खुले में पड़े रहने से अधिकांश ई-रिक्शा जंग खा चुके हैं। बैटरियां खराब हो गई हैं और कई वाहनों के पुर्जे भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
