हमजा के जनाजे में शामिल हुए सैयद सलाउद्दीन, सुरक्षा में आधुनिक हथियारों के साथ नज़र आए आतंकी

पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और वांटेड आतंकी अर्जुनमंद गुलजार उर्फ ​​हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में अज्ञात बंदूकधारियों ने उसकी हत्या कर दी थी। . आतंकी हमजा बुरहान को इस्लामाबाद में दफनाया गया। उसके जनाजे में भारत का मोस्ट वॉन्टेड और आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का चीफ सैयद सलाउद्दीन शामिल हुआ। उसके अलावा प्रमुख आतंकी संगठन अल-बदर का टॉप कमांडर और चीफ बख्त जमीन खान भी मौजूद था। इस्लामाबाद में हुए जनाजे के दौरान आतंकियों के पास AK-47 और आधुनिक हथियारों के साथ दिखाई दिए। हमजा को मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया था।
हिजबुल मुजाहिद्दीन चीफ सैयद सलाउद्दीन और अल-बद्र प्रमुख बख्त जमीन खान समेत कई बड़े आतंकवादी हमजा बुरहान के नमाज ए जनाजा में शामिल हुए। आतंकी हमजा बुरहान को इस्लामाबाद में दफनाया गया। उसके नमाज-ए-जनाजा के दौरान भारी सुरक्षा थी। जनाजे में मौजूद आतंकियों के पास AK-47 और कई अत्याधुनिक हथियार दिखाई दिए। अल-बदर चीफ बख्त जमीन खान की सुरक्षा में तैनात आतंकी पूरी तरह हथियारों से लैस थे। इससे साफ दिखा कि आतंकी संगठनों में अज्ञात हमलावरों का खौफ बना हुआ है।
हमजा बुरहान सिर्फ एक आतंकी नहीं था, बल्कि ISI के लिए बेहद अहम माना जाता था। वह POK में कई आतंकी लॉन्चिंग पैड चला रहा था। इन कैंपों में आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी और उनका ब्रेनवॉश किया जाता था। हमजा मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, वह लंबे समय से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में शामिल था। उसका पूरा नाम अरजमंद गुलजार डार उर्फ डॉक्टर था। वह आतंकी संगठन अल-बदर का टॉप कमांडर था। दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ धकेलने और आतंकी संगठनों में भर्ती कराने में उसकी बड़ी भूमिका बताई जाती थी।
गौरतलब है कि 7 साल पहले वह वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान गया था। वहां उसने अल-बदर संगठन जॉइन किया और बाद में उसका ऑपरेशनल कमांडर बन गया। पाकिस्तान में बैठकर वह कश्मीर में आतंकियों की भर्ती, फंडिंग और हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क चला रहा था।