लिफ्ट देने के बहाने आदिवासी नाबालिग से दुष्कर्म

कवर्धा। लिफ्ट देने के बहाने दो आरोपियों ने आदिवासी नाबालिग को जबरन शराब पिलाया और जंगल में दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता को जंगल में ही छोड़कर दोनों भाग निकले। ग्रामीणों ने नाबालिग को उसके घर तक पहुंचाया। पीड़िता के शरीर पर चोट के निशान हैं। नाबालिग का जिला अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। यह मामला चिल्फी थाने की है।
जानकारी के मुताबिक, घटना शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात की है। गांव में छट्ठी कार्यक्रम में नाबालिग शामिल होने गई थी। इसी दौरान चिल्फी निवासी राहुल और देव कुमार भी वहां पहुंचे थे। पीड़िता और दोनों युवक कुछ समय पहले एक रिजॉर्ट में काम करते थे । जहां उनकी जान पहचान हुई थी। छठी कार्यक्रम खत्म होने के बाद रात 10 बजे घर लौट रही नाबालिग को दोनों आरोपियों ने अपने साथ बाइक पर लिफ्ट देने की बात कही। नाबालिग उनके साथ बाइक पर बैठ गई। इसके बाद आरोपियों ने सुनसान जगह पर उसके साथ गैंगरेप किया। घटना को अंजाम देने के बाद नाबालिग को अचेत अवस्था में ही छोड़कर दोनों भाग निकले।
सरोधा दादर से रानीदहरा जाने वाले रास्ते के पास जंगल में शनिवार सुबह जब ग्रामीण लकड़ी बिनने गए, तब उन्होंने नाबालिग को अचेत हालत में पाया। आनन फानन में ग्रामीणों ने घटना की जानकारी उसके परिजनों को दी। पुलिस को सूचना देने के बाद ग्रामीणों ने नाबालिग को उसके घर पहुंचाया। इलाज और मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल, कवर्धा लाया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में पीड़िता का इलाज जारी है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में आरोपी चिल्फी निवासी राहुल मागरे और देव सिंह धुर्वे को गिरफ्तार कर लिया गया है।