बंगाल में बीजेपी बम-बम, तमिलनाडु में विजय का परचम… ‘ केरलम में यूडीएफ का कब्ज़ा
नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरलम समेत पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव की मतगणना हो रही है। पश्चिम बंगाल के रुझानों में जहां बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, टीएमसी पर बढ़त बना ली है तो वहीं असम में बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।
एक केंद्र शासित प्रदेश समेत देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में नतीजों की घड़ी आ गई है। वोटों की गिनती के साथ ही रुझान आने शुरू हो गए हैं। बंगाल के रुझानों में टीएमसी-बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। वहीं असम में बीजेपी आगे चल रही है जबिक केरलम में यूडीएफ को बढ़त दिख रही है। तमिलनाडु में सत्ताधारी डीएमके पर टीवीके ने अच्छा प्रदर्शन किया है। यहाँ उसके सत्तारूढ़ होने की सभावना बढ़ गई है। जिन पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आज आ रहे हैं, उनमें पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही केरल और तमिलनाडु भी शामिल हैं। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में रंगास्वामी राज जारी रहेगा या सत्ता बदलेगी, इसका फैसला भी आज हो जायेगा।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा की कुल 294 सीटें हैं। जिन पर वोट डाले गए थे। पहले चरण में 152 सीटों के लिए 23 अप्रैल को मतदान हुआ था। दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले गए थे। एक सीट पर पुनर्मतदान होना है, जिसकी वजह से आज 293 सीटों के नतीजे आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में बीजेपी और टीएमसी के बीच टाइट फाइट नजर आ रही है।
बीजेपी ने सत्ताधारी टीएमसी ममता बनर्जी की अगुवाई में जीत का चौका लगाने पर रोक लगा दी है। यहाँ भाजपा ने बहुमत से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाये हुए है।जबकि सत्तारूढ़ टीएमसी काफी पीछे छुटती दीख रही है। बीजेपी का कमल बंगाल में आखिर खिल ही गया। पश्चिम बंगाल में आजादी के बाद से अब तक का सर्वाधिक मतदान दर्ज किया गया है। सूबे में 92 फीसदी से अधिक मतदान हुआ है। भवानीपुर विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सूबे की विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं।
असम में विधानसभा की कुल 126 विधानसभा सीटें हैं। प्रदेश की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को वोट डाले गए थे। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई में चुनाव मैदान में उतरी बीजेपी को जीत की हैट्रिक लगाने में सफल होती दीख रही है। सूबे की सत्ता से 10 साल लंबा वनवास समाप्त कराने की कोशिशों में जुटी कांग्रेस को भी जीत की उम्मीद है। प्रदेश में इस बार रिकॉर्ड 85 फीसदी से अधिक वोटिंग हुई है।
तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटें हैं। इन सीटों के लिए 23 अप्रैल को मतदान हुआ था। सूबे में मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया और मतदान का आंकड़ा सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ते हुए 85.14 फीसदी तक पहुंच गया। सूबे में डीएमके की अगुवाई वाली मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सरकार है। विपक्षी एनडीए की अगुवाई सूबे में एआईएडीएमके कर रही है। थलापति विजय की अगुवाई वाली नई नवेली टीवीके ने पहली बार ही चुनाव मैदान पर उतरी है और अपनी धमक बना ली है।
केरलम इस तटीय प्रदेश की 140 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अप्रैल को वोट डाले गए थे। इस बार सूबे में 78.27 फीसदी मतदान हुआ है। केवल यहाँ पर कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन करते दीख रही है। उसको अच्छी बढ़त मिलते दीख रही है। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 सीटों के लिए भी 9 अप्रैल को ही वोट डाले गए थे। केंद्र शासित प्रदेश में 89.97 फीसदी मतदान हुआ है। केरल में पी विजयन की अगुवाई वाले एलडीएफ सरकार है। पुडुचेरी में रंगास्वामी की अगुवाई वाला एनडीए गठबंधन सत्ता में है।
