माओवादी संगठन में आंतरिक टकराव, गुरिल्ला युद्ध जारी रखने का संकल्प

जगदलपुर। माओवादी संगठन का आंतरिक टकराव खुलकर सामने आ गया है। नॉर्थ कोऑर्डिनेशन कमेटी द्वारा जारी एक प्रेस नोट में आत्मसमर्पण कर चुके शीर्ष माओवादी नेता वेणुगोपाल देवजी पर तीखा हमला किया गया है। एनसीसी ने देवजी को संगठन के लिए गद्दार कहा है। उनके आत्मसमर्पण के बाद संगठन का उनसे कोई संबंध नहीं है। इसके बाद माओवादी खेमे में हलचल मच गई है। गौरतलब है कि
वेणुगोपाल देवजी के आत्मसमर्पण को लेकर संगठन के भीतर लंबे समय से असंतोष की स्थिति बताई जा रही थी। अब एनसीसी के बयान ने इस विवाद को सार्वजनिक रूप से और बढ़ा दिया है। संगठन ने कहा कि उनका संघर्ष अब भी जारी रहेगा और वे सशस्त्र आंदोलन को ही अंतिम रास्ता मानते हैं।
प्रेस नोट में एनसीसी ने दोहराया है कि संगठन कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन वह खत्म नहीं हुआ है। वे गोरिल्ला युद्ध के जरिए अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाते रहेंगे और क्रांति को जारी रखेंगे।
देवजी द्वारा माओवादी संगठन पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग को भी एनसीसी ने सिरे से खारिज कर दिया है। संगठन ने इसे व्यक्तिगत राय बताते हुए कहा कि यह विचार संगठन की आधिकारिक नीति नहीं है।
एनसीसी ने यह दावा किया है कि संगठन के भीतर किसी भी तरह की दरार या मतभेद नहीं हैं और वे पूरी तरह एकजुट हैं।
वेणुगोपाल देवजी के आत्मसमर्पण और उसके बाद माओवादी संगठन के इस कड़े रुख ने नक्सल मोर्चे की सियासत को और गरमा दिया है। सुरक्षा एजेंसियां भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।