बापू मुझे माफ करना और शहीद दिवस पर शराब दुकान खुली है : अनिल पुसदकर की कलम से

इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या होगा कि बापू की पुण्यतिथि पर ड्राई डे रखने की परंपरा तक तोड़ दी गई इस प्रदेश में।पता नहीं शराब की खपत का कौन सा रिकॉर्ड बनाना चाहते है हमारे राज्य के ठेकेदार।शहीद दिवस पर ड्राई डे नहीं है #छत्तीसगढ़ में।इतना क्या आबकारी टैक्स की हवस है?आखिर इस सरकार की किरकिरी करवाने की सुपारी कौन ले रखा है?क्या इतना भी प्रशानिक अनुभव नहीं है,कि ड्राई डे की परंपरा तोड़ दी।क्यों सरकार बेलगाम अफसरशाही पर नियंत्रण की कोशिश नहीं कर रही है?आखिर किसके इशारे पर नाच रही है अफसरशाही?अब इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता मै।

बापू मुझे माफ करना और शहीद दिवस पर शराब दुकान खुली रखवाने वालो को भी।