“कांग्रेस के पार्षद प्रत्याशी ने पार्टी से किया विश्वासघात, बीजेपी को मिली निर्विरोध जीत”

 बिलासपुर:  बिलासपुर नगर निगम चुनाव में बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान छह पार्षद उम्मीदवारों के नामांकन खारिज कर दिए गए, जिनमें कांग्रेस के पूर्व पार्षद श्याम पटेल का नाम भी शामिल है। श्याम पटेल कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार थे और वार्ड क्रमांक 13 पंडित दीनदयाल नगर, मंगला से चुनाव लड़ रहे थे। उनका नामांकन इसलिए खारिज किया गया क्योंकि उन्होंने आवश्यक जाति प्रमाण पत्र (ओबीसी) जमा नहीं किया था, जिसके कारण उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया। इस निर्णय के बाद कांग्रेस पार्टी ने इसे स्वीकार करते हुए श्याम पटेल को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया।

इसके बाद इस वार्ड में भाजपा के रमेश पटेल को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया, क्योंकि उनके सामने कोई अन्य उम्मीदवार नहीं बचा। श्याम पटेल के नामांकन खारिज होने को कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वार्ड क्रमांक 13 के अलावा अन्य पांच उम्मीदवारों के नामांकन भी खारिज किए गए हैं। इनमें वार्ड क्रमांक 52 से अनिता पाटिल, वार्ड क्रमांक 55 से शबनम बेगम, वार्ड क्रमांक 66 से मीनाक्षी पटेल, वार्ड क्रमांक 51 से राजकुमार साहू और वार्ड क्रमांक 13 से नर्मदा पटेल के नाम शामिल हैं। इन उम्मीदवारों के नामांकन पत्र विभिन्न त्रुटियों और आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण खारिज किए गए।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि इस बार कुल 283 पार्षद उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन की जांच के बाद छह उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने के बाद अब 278 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 31 जनवरी है, इसके बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। इस चुनावी प्रक्रिया में विभिन्न दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिलेगा, और पार्टी के लिए यह घटना एक रणनीतिक चुनौती भी साबित हो सकती है।