प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा- संविधान निर्माताओं द्वारा सौंपा गया संविधान हर समय की कसौटी पर खरा उतरा
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ आज देशवासियों को संबोधित करता है, जिसे अब तक 100 से अधिक देशों में सुना जा चुका है। इस कार्यक्रम का प्रसारण 22 भारतीय भाषाओं, 29 बोलियों और 11 विदेशी भाषाओं, जैसे कि फ्रेंच, चीनी, और अरबी, सहित विभिन्न मीडिया माध्यमों से किया जाता है। कार्यक्रम के प्रत्येक एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय मामलों पर गहराई से चर्चा करते हैं, और देशवासियों को नई दिशा देने के लिए प्रेरणा देते हैं।
इस रविवार के 117वें एपिसोड में पीएम मोदी ने नए साल की शुभकामनाएं दीं और संविधान की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 2025 में भारतीय संविधान के लागू होने की 75वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी, और इसके सम्मान में एक वेबसाइट – ‘constitution75.com’ लॉन्च की गई है, जिसके माध्यम से लोग संविधान के प्रासंगिकता पर विचार साझा कर सकते हैं। इसके अलावा पीएम मोदी ने महाकुंभ के आयोजन और उसकी विविधता की सराहना की। उन्होंने कहा कि कुंभ का आयोजन केवल उसकी विशालता से नहीं, बल्कि उसकी विविधता और एकता से भी विशिष्ट है, जहां लोग विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं को साझा करते हैं।
प्रधानमंत्री ने बस्तर ओलंपिक की सफलता का भी जिक्र किया, जहां 7 जिलों के 1.65 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया और इस आयोजन ने क्षेत्र में एक नई सशक्तता की नींव रखी। इसके अलावा, पीएम मोदी ने मलेरिया के खिलाफ संघर्ष में भारत की सफलता, ‘आयुष्मान भारत योजना’ द्वारा कैंसर के इलाज में मदद, और कालाहांडी के किसानों की ‘सब्जी क्रांति’ जैसे अद्भुत प्रयासों को भी साझा किया।
इन सब प्रयासों के अलावा, पीएम मोदी ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने खास तौर पर भारतीय सिनेमा के महत्वपूर्ण हस्तियों की जयंती को मनाने के महत्व को बताया, और मलेरिया उन्मूलन की दिशा में किए गए प्रयासों को सफल माना। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी भारत के समाज की प्रगति, नए आदर्शों की स्थापना और हमारी सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंचों तक पहुंचाने की ओर लगातार अग्रसर हो रहे हैं।
