जिले में बनें 31 लाख का मिनी स्टेडियम बदहाल, सब्जियां और मवेशियों का कब्जा
कोरिया| जिले की ग्राम पंचायत बुडार में 31.61 लाख रुपये की लागत से बना मिनी स्टेडियम आज रख रखाव के अभाव में बदहाल स्थिति में है। खेल प्रतियोगिताओं के लिए बनाए गए इस स्टेडियम में खेल का नामोनिशान नहीं है। खिलाड़ियों के चेंजिंग रूम में धान और पैरा का ढेर लगा हुआ है, जबकि मैदान में सब्जियां उगाई जा रही हैं।स्थानीय लोगों ने बताया कि स्टेडियम की जमीन उबड़-खाबड़ हो चुकी है। मैदान में गायें बांधी जा रही हैं और मुर्गा व बकरी पालन किया जा रहा है। स्टेडियम में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे खिलाड़ियों और खेल आयोजनों के लिए इसका उपयोग असंभव हो गया है।ग्राम पंचायत बुडार के सरपंच ने स्टेडियम की देखभाल में असमर्थता जताई। उनका कहना है कि स्टेडियम पंचायत से 6 किलोमीटर दूर है। हम वहां रोज नहीं जा सकते। स्टेडियम की स्थिति पर पहले किसी ने सूचना नहीं दी। अब वहां मुर्गा पालन और बकरी पालन हो रहा है। फंड के अभाव में इसे सुधारना मुश्किल है।
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा ने दी सफाई
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा बैकुंठपुर के कार्यपालन अभियंता अनिल मिश्रा ने बताया कि यह स्टेडियम 2016 में बनकर तैयार हुआ और 26 मई 2016 को इसे ग्राम पंचायत को हैंडओवर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि हमारा काम निर्माण को पूरा करना था, जो हमने किया। लेकिन पंचायत द्वारा रखरखाव न होने से स्टेडियम की यह हालत हो गई है।
शासन का धन व्यर्थ
ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए इस स्टेडियम का सही तरीके से उपयोग नहीं हो पाया। खेल गतिविधियों के बजाय इसे पशुपालन और खेती के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे शासन का पैसा बर्बाद हो रहा है। स्थानीय खिलाड़ियों और निवासियों ने प्रशासन से स्टेडियम की मरम्मत और देखभाल की मांग की है, ताकि इसे खेलों के लिए उपयोगी बनाया जा सके।
