“कांग्रेस विधायक भूपति रेड्डी का अल्लू अर्जुन पर ताजगी भरा हमला, पुष्पा 2 की विवादित भगदड़ को लेकर सख्त चेतावनी”
निजामाबाद के कांग्रेस विधायक भूपति रेड्डी ने हाल ही में अभिनेता अल्लू अर्जुन के कथित व्यवहार पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, और उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें चेतावनी दी कि वे तेलंगाना राज्य में अपनी फिल्मों को प्रदर्शित नहीं होने देंगे। यह विवाद ‘पुष्पा 2: द रूल’ के प्रीमियर के दौरान हुई भगदड़ की घटना के बाद उभरा है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है, क्योंकि भूपति रेड्डी ने अपने सार्वजनिक बयान में अभिनेता के लिए आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग किया।
भूपति रेड्डी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी कभी भी फिल्म उद्योग के खिलाफ नहीं रही, लेकिन अल्लू अर्जुन की फिल्म ‘पुष्पा’ को उन्होंने आलोचना की, विशेष रूप से उसकी कथानक और उसमें चित्रित अवैध गतिविधियों को लेकर। विधायक ने आरोप लगाया कि ‘पुष्पा’ फिल्म तस्करी और अपराध को बढ़ावा देती है, जो समाज के लिए गलत है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि अल्लू अर्जुन का किसी भी सार्वजनिक स्थान पर ऐसा व्यवहार करना ठीक नहीं है, जैसा कि उन्होंने ‘पुष्पा 2’ की स्क्रीनिंग के दौरान किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भूपति रेड्डी ने अपने गुस्से में कहा, “अल्लू अर्जुन ने भगदड़ स्थल पर जाकर, खुद को और अन्य लोगों की जिंदगी को खतरे में डाला, जबकि पुलिस ने उन्हें स्क्रीनिंग में जाने से मना कर दिया था।” विधायक ने अभिनेता को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह इसी तरह के विवादास्पद व्यवहार को जारी रखते हैं, तो कांग्रेस पार्टी उन्हें तेलंगाना राज्य में अपने फिल्मों की स्क्रीनिंग करने का कोई अवसर नहीं देगी।
इससे पहले, अल्लू अर्जुन को पुलिस द्वारा ‘पुष्पा 2’ के दौरान हुई भगदड़ के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। अल्लू ने इस घटना पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और आरोप लगाया कि उनके खिलाफ बहुत सारी गलत जानकारी फैलाई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में उनकी पूछताछ की, लेकिन इस घातक घटना पर अब भी बहस जारी है।
इस विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से तेलंगाना में हलचल मचाई है, जहां विधायक ने खुले तौर पर फिल्म स्टार पर हमलावर टिप्पणियां की हैं, और तेलंगाना सरकार से ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कदम उठाने की अपील की है। यह घटना फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति के बीच एक नई दरार को उजागर करती है, जो राज्य के प्रशासन और फिल्म निर्माता, दोनों के लिए नई चुनौतियों का कारण बन सकती है।
