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“बड़े मियां छोटे मियां की असफलता पर अलाया एफ और वाशु भगनानी ने की खुलकर चर्चा”

वाशु भगनानी :  अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ, मानुषी छिल्लर और अलाया एफ अभिनीत फिल्म बड़े मियां छोटे मियां 11 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई, लेकिन उम्मीद के मुताबिक इसे बॉक्स ऑफिस पर सफलता नहीं मिल पाई। इस फिल्म की असफलता के बारे में पूजा बेदी की बेटी और अभिनेत्री अलाया एफ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलकर बात की। अलाया ने बताया कि फिल्म की असफलता ने उन्हें अपने करियर और जीवन के बारे में स्पष्टता दी। उन्होंने कहा, “इस फिल्म ने मुझे यह समझने का अवसर दिया कि मैं भविष्य में किस दिशा में काम करना चाहती हूं।” उनका कहना था कि इस दौरान वह कमर्शियल फिल्मों को पाने की चाहत में इतनी व्यस्त हो गईं कि वह भूल गईं कि उनका मुख्य उद्देश्य अभिनय है।

अलाया एफ ने यह भी स्वीकार किया कि फिल्म के विफल होने से उनके प्रशंसकों के बीच निराशा पैदा हुई क्योंकि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि बड़े मियां छोटे मियां एक बड़ी सफलता हासिल करेगी। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि कमर्शियल फिल्मों की तलाश में उन्होंने कुछ ऐसा खो दिया था, जिसे वह वास्तविक रूप में करना चाहती थीं।

वहीं, फिल्म के निर्माता वाशु भगनानी ने भी इस दौरान बॉक्स ऑफिस की नाकामी का सामना किया और एएनआई से बात करते हुए कहा कि फिल्म की असफलता के बावजूद उन्हें कई फिल्म इंडस्ट्री के प्रमुख हस्तियों से सांत्वना मिली। निर्माता ने इस बारे में चर्चा करते हुए कहा, “अक्षय कुमार सबसे पहले थे जिन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि चिंता मत करो। उन्होंने मुझसे बिना शर्त समर्थन व्यक्त किया और कहा कि अगर कुछ करना है तो बताओ।” वाशु भगनानी ने अक्षय कुमार की सहायक भूमिका की तारीफ करते हुए बताया कि अक्षय ने उन्हें यह महसूस कराया कि कठिन समय में साथी का समर्थन न केवल महत्वपूर्ण होता है, बल्कि यह एक बहुत बड़ी ताकत होती है।

साथ ही, निर्माता ने बताया कि सनी देओल, सुनील शेट्टी और उनके पुराने दोस्त डेविड धवन ने भी इस समय उन्हें बहुत सहयोग दिया। यह सब तब हुआ जब फिल्म के कई क्रू मेंबर्स ने प्रोडक्शन हाउस पर अपनी बकाया राशि का भुगतान न किए जाने का आरोप लगाया था, जिससे फिल्म के निर्माण से जुड़े लोग परेशान थे।

सिनेमा की दुनिया में यह विफलता और उसके बाद मिलने वाले समर्थन ने दिखा दिया कि एक मुश्किल समय में भी साथी कलाकारों और सिनेमा जगत की हस्तियां एक दूसरे का साथ देती हैं, और यह भी सिद्ध हुआ कि फिल्मों के वाणिज्यिक परिणाम से अधिक महत्वपूर्ण है सहानुभूति, संघर्ष और समर्थन।