प्रियंका गांधी ने भाजपा सांसदों को ‘जय भीम’ की चुनौती दी, अमित शाह की भाषा पर सवाल उठाए
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भाजपा सांसदों को संसद भवन परिसर में ‘जय भीम’ का नारा लगाने की चुनौती दी है, वहीं उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा पर संविधान की रक्षा के मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रियंका ने भाजपा सांसदों के आरोपों का जवाब दिया, जिनका कहना था कि कांग्रेस ने बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर का अपमान किया। प्रियंका ने कहा कि जो लोग भाजपा को संविधान की रक्षा करने का दावा करते हैं, उनके लिए यह भ्रम से बाहर निकलने का समय आ गया है, क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह की भाषा उनके असली उद्देश्य को उजागर करती है। उन्होंने भाजपा सांसदों को चुनौती दी कि वे संसद परिसर में आकर ‘जय भीम’ का नारा लगाकर दिखाएं, क्योंकि उनके लिए यह शब्द और आंबेडकर का सम्मान दोनों ही दूर-दूर की बात हैं।
प्रियंका गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके और विपक्षी नेताओं के खिलाफ भाजपा की ओर से विरोध जताने वाली कार्रवाइयाँ एक साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने विशेष रूप से राहुल गांधी के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि वे शांतिपूर्वक संसद के अंदर जा रहे थे, जब भाजपा सांसदों ने उन्हें रोका। प्रियंका के अनुसार, राहुल गांधी बीआर आंबेडकर की तस्वीर लेकर और ‘जय भीम’ का नारा लगाते हुए संसद के अंदर जा रहे थे। कांग्रेस ने यह आरोप भी लगाया कि भाजपा सांसदों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भी धक्का दिया था और इस कारण खरगे गिर पड़े, जिससे उन्हें चोट भी आई।
प्रियंका का बयान उस समय आया, जब भाजपा सांसद प्रताप चंद्र सारंगी ने भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा उन्हें धक्का दिए जाने से वह चोटिल हो गए। सारंगी ने यह दावा किया कि सीढ़ियों पर खड़े होने के दौरान एक सांसद उन पर गिर पड़े, जिससे उनके सिर में चोट आई। प्रियंका ने इस घटनाक्रम को पूरी तरह से एक साजिश के रूप में देखा और कहा कि यह सब अमित शाह की राजनीतिक मजबूती को बचाने के लिए किया जा रहा था।
प्रियंका ने पूरे घटनाक्रम को एक रणनीतिक प्रहार करार देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की कार्रवाई उनका असली उद्देश्य साफ कर देती है – विपक्ष को रोकना और पार्टी नेतृत्व की छवि को बचाना।
