महाराष्ट्र में नई सरकार, देवेंद्र फडणवीस बने महाराष्ट्र के नए सीएम, बीजेपी कोर कमेटी ने किया ऐलान

मुंबई:  महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर बीते 12 दिनों से चल रहे असमंजस का अंत हो गया है। मुंबई में आयोजित बीजेपी की विधायक दल की बैठक में देवेंद्र फडणवीस को सर्वसम्मति से नेता चुना गया, और वे अब तीसरी बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। उनका शपथ ग्रहण समारोह कल मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित होगा, जहां देश-प्रदेश के दिग्गज नेता शामिल होंगे।

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देवेंद्र फडणवीस: जनता के विश्वास और बीजेपी की प्राथमिकता

देवेंद्र फडणवीस को विधायक दल का नेता चुने जाने का फैसला उनकी कुशल नेतृत्व क्षमता और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता को देखते हुए लिया गया। उन्होंने पहले भी अपने कार्यकाल में महाराष्ट्र को स्थिर और विकासशील सरकार दी थी। बीजेपी की कोर कमेटी और विधायक दल की बैठक में यह स्पष्ट हो गया कि फडणवीस ही महायुति गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं।

महायुति सरकार: विभागों का बंटवारा और गठबंधन की रणनीति

महायुति गठबंधन में बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट), और एनसीपी (अजित पवार गुट) शामिल हैं। सरकार के गठन के साथ-साथ मंत्रिमंडल के बंटवारे पर सहमति बन गई है।

  • बीजेपी: 21-22 मंत्रालयों की संभावना है, जिनमें गृह और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल होंगे। साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद अध्यक्ष के पद भी बीजेपी के खाते में जा सकते हैं।
  • शिवसेना (शिंदे गुट): 16 मंत्रालयों की मांग की गई थी, लेकिन 12 मंत्रालयों पर सहमति बनने की संभावना है। इसमें शहरी विकास विभाग जैसे प्रमुख विभाग शामिल होंगे। शिवसेना विधान परिषद अध्यक्ष पद पर भी दावा कर रही है।
  • एनसीपी (अजित पवार गुट): 9-10 मंत्रालयों की संभावना है, जिनमें वित्त विभाग और उपमुख्यमंत्री पद शामिल हैं।

सियासी असमंजस से समाधान तक: 12 दिनों का सफर

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर गहमागहमी शुरू हो गई थी। हालांकि, सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते यह स्पष्ट था कि मुख्यमंत्री बीजेपी का ही होगा, लेकिन गठबंधन सहयोगियों के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर मतभेद थे।

  • एकनाथ शिंदे की भूमिका: कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी ओर से स्थिति को संतुलित बनाए रखा। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता उन्हें मुख्यमंत्री देखना चाहती है, लेकिन वे बीजेपी नेतृत्व के निर्णय का सम्मान करेंगे।
  • अजित पवार की स्थिति: एनसीपी के अजित पवार ने गठबंधन की स्थिरता बनाए रखने में प्रमुख भूमिका निभाई और इस दौरान उपमुख्यमंत्री पद के लिए सहमति बनी।
  • दिल्ली का घटनाक्रम: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों के बाद यह फैसला लिया गया कि देवेंद्र फडणवीस ही मुख्यमंत्री होंगे।

शपथ ग्रहण समारोह: एक नई शुरुआत की तैयारी

मुंबई के आजाद मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस समारोह में देवेंद्र फडणवीस के साथ अन्य वरिष्ठ नेता भी शपथ लेंगे। सरकार में इस बार दो उपमुख्यमंत्री होने की संभावना है। अजित पवार और एकनाथ शिंदे डिप्टी सीएम पद की शपथ ले सकते हैं।

भविष्य की चुनौतियां और प्राथमिकताएं

देवेंद्र फडणवीस के लिए यह कार्यकाल आसान नहीं होगा।

  1. गठबंधन में तालमेल: महायुति सरकार को स्थिर बनाए रखना और सहयोगी दलों के साथ संतुलन साधना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
  2. विकास के एजेंडे पर जोर: महाराष्ट्र में बुनियादी ढांचे का विकास, किसानों की समस्याओं का समाधान, और आर्थिक सुधारों को लागू करना प्राथमिकता होगी।
  3. राजनीतिक संतुलन: राज्य और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल और आगामी लोकसभा चुनावों में गठबंधन की मजबूती सुनिश्चित करना।

देवेंद्र फडणवीस की नेतृत्व क्षमता और अनुभव से महाराष्ट्र में एक स्थिर और विकासशील सरकार की उम्मीद की जा रही है। उनका यह तीसरा कार्यकाल न केवल उनके राजनीतिक करियर में एक नया अध्याय होगा, बल्कि राज्य के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।