भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक विजय रूपाणी मुंबई के लिए हुए रवाना, 5 दिसंबर को होगा बड़ा फैसला
गांधीनगर: महाराष्ट्र में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम भले ही घोषित हो गए हों, लेकिन मुख्यमंत्री पद के लिए नाम की घोषणा अभी तक नहीं हो पाई है। चुनाव के बाद की स्थिति को लेकर महाराष्ट्र में राजनीति अब अपने चरम पर है। भाजपा ने गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को महाराष्ट्र का ऑब्जर्वर नियुक्त किया था और उन्होंने हाल ही में इस मामले पर बड़ा बयान देते हुए मुख्यमंत्री के पद को लेकर संभावनाएं जताई।
रुपाणी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “महाराष्ट्र में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी है” और इस बीच एकनाथ शिंदे द्वारा दिए गए बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के उम्मीदवार को मुख्यमंत्री बना दिया जाए तो शिंदे को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि इस बार भाजपा का सीएम बनने का मौका है।” इस बात से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा अब महाराष्ट्र में अपनी सत्ता पर दावा जताने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
रुपाणी ने यह भी कहा कि वह आज शाम को मुंबई जाएंगे और निर्मला सीतारमण भी उनके साथ वहां पहुंचेंगी। उन्होंने बताया कि 5 दिसंबर को मुंबई के आजाद मैदान में भाजपा का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दिन विधायक दल की बैठक भी होगी, जिसमें मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा की जाएगी। यह बैठक भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें पार्टी के आगामी मुख्यमंत्री का नाम तय किया जाएगा, जो फिर पार्टी के हाईकमान को सूचित किया जाएगा।
महायुति के घटक दलों जैसे शिवसेना और एनसीपी के साथ भाजपा ने इस मुद्दे पर चर्चा की है और सभी दलों के बीच सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, एकनाथ शिंदे ने एक बार फिर दावा किया है कि राज्य की जनता उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है। वहीं, भाजपा के पक्ष में देवेंद्र फडणवीस का नाम सबसे आगे है, और यह भी माना जा रहा है कि इस बार सीएम पद भाजपा को ही मिलेगा।
वहीं, उपमुख्यमंत्री के पद को लेकर चर्चा अभी भी जारी है, क्योंकि शिवसेना ने इस पद के लिए किसी भी नाम का ऐलान नहीं किया है। इसके अलावा, एनसीपी के कुछ नेताओं के मंत्रालयों के आवंटन को लेकर अड़चनें भी आ सकती हैं। इस सबके बावजूद भाजपा ने आश्वासन दिया है कि सब कुछ सर्वसम्मति से हल किया जाएगा।
अब 5 दिसंबर को मुंबई में महायुति के विधायक दल की बैठक के बाद स्थिति पूरी तरह से साफ हो जाएगी और महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री का नाम तय हो जाएगा। यह बैठक भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने वाली है, जो महाराष्ट्र की राजनीति में अगले कुछ वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
