बाजार में पहुंचा जहरीले फूड कलर, जिसमें मिल रहे हैं कैंसर के कण, जिम्मेदार अधिकारी सो रहे हैं कुंभकर्णी नींद…

दुर्ग |  जिले में इन दिनों फिर से जलेबी रंग के नाम पर लोगों को इंडस्ट्रियल कलर एवं एसेंस परोसा जा रहा है जो की मानव स्वास्थ के लिए अति हानिकारक है | आपको बता दे की इन दोनों दुर्ग जिले में जहां चाट गुपचुप मोमोज चाइनीस पकोड़े जिसमें खुलकर जलेबी रंग का उपयोग होता है धड़ल्ले से दुर्ग भिलाई  सहित पूरे दुर्ग जिले में बेचा जा रहा है|  दुकान पर जलेबी रंग मांगे जाने पर दुकानदार द्वारा इंडस्ट्रियल कलर जो कि कहीं से भी खाने योग्य लिखा है गाय छाप का बना यह इंडस्ट्रियल कलर पूरे मार्केट में बिक रहा है और इसके साथ ही एक एसेंस भी बिक रहा है जिसकी कंपनी नाम तो दर्ज है लेकिन कंपनी के द्वारा एसेंस की बोतल के ऊपर लगे लेवल पर जिसमें मैन्युफैक्चरिंग डेट बैच नंबर एक्सपायरी डेट सहित FSSAI के द्वारा प्रमाणित करने की आवश्यक जानकारी कुछ भी दर्ज नहीं की गई है,

 

लेकिन यह ऑरेंज एसेंस कलर भी मार्केट में खूब धड़ले से मिल रहा है और चाट गुपचुप के ठेलो में तेजी से इसको लेकर मिलाकर बेचा जा रहा है और आम जनमानस जिसे इसकी खबर नहीं है मजे से लेकर इसको खा रहे हैं लेकिन इन सब के बीच में सोचने वाली बात यह है कि इन सब चीजों के लिए जिम्मेदार खाद्य एवं औषधि प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी  क्या कर रहे हैं   क्योंकि इससे पहले भी इसी साल के जून माह में जलेबी रंग के नाम पर बिक रही है मौत नामक एक खबर बनाई गई थी जिस पर दुर्ग कलेक्टर द्वारा बैठक लेकर बकाया दें जिम्मेदार अधिकारियों को ताकित दी गई थी कि दोबारा मार्केट में ऐसा हानिकारक कलर न पहुंचे लेकिन मार्केट में कहां से यह कलर आ रहे हैं यह तो दूसरा विषय लेकिन जिन जिम्मेदार अधिकारियों के ऊपर उनकी ड्यूटी दी गई है वह लोग क्या कर रहे हैं क्योंकि इन दिनों यह खाद्य रंग रूपी जहर पूरे जिले में  आसानी से उपलब्ध है जिसे लोग खाकर बीमार हो रहे हैं और अधिकारियों को सचेत करने के बाद भी यहां खाद्य एवं औषधि प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं उन्हें लोगों के स्वास्थ्य से कोई लेना-देना नहीं है।

क्योंकि यहां पर इस विभाग के द्वारा खाली सैंपलिंग की जाती है सैंपलिंग के बाद उनका रिपोर्ट क्या आता है यह किसी को पता नहीं चलता और आने वाले दिनों में देश का सबसे बड़ा त्योहार दिवाली आ चुका है तो मार्केट में धड़ले से खाने पीने की चीज आती हैं जिनके चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति कर ली जाती है और इस संबंध में जब दुर्ग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मनोज दानी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें उनकी जानकारी अभी मिली है और यह जिम्मेदार अधिकारियों से बातचीत करके उन्हें जवाब देने की बात कहेंगे आईए देखते हैं |