“मुख्यमंत्री धामी ने 289 अधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, दी नई शुरुआत की शुभकामनाएं”

उत्तराखंड :   उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा -2021 के तहत चयनित 289 अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस समारोह में विभिन्न विभागों के लिए चयनित 19 विभिन्न श्रेणियों के अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, जिसमें 10 डिप्टी कलेक्टर, 10 डिप्टी एसपी, 18 वित्त अधिकारी और अन्य कई पद शामिल हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर सभी अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उनके जीवन में एक नई शुरुआत का संकेत है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में इन युवा अधिकारियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने उन्हें ‘आजादी के अमृतकाल के सिपाही’ बताते हुए कहा कि इनकी नियुक्ति से जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी और इससे सरकारी व्यवस्था को नई गति और दिशा मिलेगी।

उत्तराखंड को मिले 10 डिप्टी कलेक्टर और 10 डीएसपी समेत 19 विभागों के 289 नए अधिकारी, सीएम ने सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं को साझा करते हुए बताया कि उनकी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया था कि राज्य के सरकारी विभागों में रिक्त सभी 24,000 पदों को भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि कई पदों पर भर्ती प्रक्रिया अभी भी चल रही है, और उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने कार्यक्षेत्र में नियमित नवाचार लाएंगे और जन कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि उत्तराखंड को देश का अग्रणी और आदर्श राज्य बनाने के लिए सभी को ‘टीम उत्तराखंड’ की भावना से कार्य करना होगा। उन्होंने राज्य की सफलता की ओर संकेत करते हुए कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में राज्य को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

इस समारोह में, 289 अधिकारियों में 10 डिप्टी कलैक्टर, 10 डिप्टी एसपी, 18 वित्त अधिकारी, 16 सहायक आयुक्त राज्य कर, 3 कारागार अधीक्षक, 11 सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ), 28 खंड विकास अधिकारी, और अन्य महत्वपूर्ण पदों के अधिकारियों को शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि ये कर्मयोगी अपनी प्रशासनिक क्षमता के माध्यम से आमजन की सेवा कर राज्य को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाएंगे। इस प्रकार का कार्यक्रम न केवल युवाओं के लिए एक अवसर है, बल्कि यह उत्तराखंड के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने का भी एक माध्यम है।