जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव परिणाम: हॉट सीटों पर इल्तिजा और उमर अब्दुल्ला की रोमांचक दौड़

जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद हो रहे विधानसभा चुनावों ने राजनीतिक हलचल को एक नई दिशा दी है। इस बार के चुनाव में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे लोकतंत्र को मजबूती मिली है। मतदान प्रक्रिया के बाद अब सभी की नजरें परिणामों पर टिकी हैं। मंगलवार को मतगणना का परिणाम साफ कर देगा कि अनुच्छेद 370 के हटने के बाद राज्य में किस पार्टी का राज होगा।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा की 90 सीटों पर जारी मतगणना में शुरुआती रुझानों में भाजपा और कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। भाजपा 19 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस-एनसी 21 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। पीडीपी ने भी तीन सीटों पर अच्छा प्रदर्शन किया है।

चर्चित उम्मीदवारों में उमर अब्दुल्ला गांदरबल सीट से, भाजपा के अरविंद गुप्ता जम्मू वेस्ट से, और पीडीपी की इल्तिजा मुफ्ती भी अपनी-अपनी सीटों पर आगे चल रहे हैं। इन चुनावों में पारिवारिक राजनीतिक विरासत को संभालने के लिए कई चेहरे मैदान में हैं, जो चुनावी प्रतिस्पर्धा को और भी दिलचस्प बना रहे हैं।

प्रमुख सीटों की चर्चा

नौशेरा: इस सीट पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना और एनसी के सुरिंदर चौधरी के बीच सीधी टक्कर है। पिछले चुनाव में रैना ने यहां जीत हासिल की थी, इसलिए उनकी जीत को लेकर काफ़ी उम्मीदें हैं।

गांदरबल: उमर अब्दुल्ला ने यहां से चुनावी मैदान में कदम रखा है। हालांकि, पीडीपी के बशीर अहमद मीर उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी राजनीति में उनका कौन सा समर्थन बढ़त बनाने में मदद करता है।

बडगाम: यहां उमर अब्दुल्ला का मुकाबला पीडीपी के सैयद मुंतजिर मेहदी से है। 2014 के चुनाव में एनसी ने जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार क्या तस्वीर बदलती है, यह देखना होगा।

बिजबेहरा: यह सीट विशेष रूप से महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती की वजह से चर्चा में है। भाजपा की सोफी यूसुफ और एनसी के बशीर अहमद शाह वीरी उनके सामने हैं।

चन्नापुरा: यहां मोहम्मद अल्ताफ बुखारी, जो कि JKAP के प्रमुख नेता हैं, चुनावी मैदान में हैं। उनका मुकाबला पीडीपी के मोहम्मद इकबाल ट्रंबो, बीजेपी के हिलाल अहमद वानी और एनसी के मुश्ताक गुरू से है।

सेंट्रल शाल्टेंग: कांग्रेस के प्रमुख तारिक हमीद कर्रा, JKAP के जफर हबीब डार और पीडीपी के अब्दुल कयूम भट इस सीट पर मुख्य दावेदार हैं। निर्दलीय इरफान शाह भी इस सीट पर कड़ा मुकाबला देने के लिए तैयार हैं।

इन सभी सीटों के परिणाम न केवल स्थानीय राजनीति को प्रभावित करेंगे, बल्कि पूरे राज्य की राजनीतिक दिशा को भी तय करेंगे। मतदाता अब अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को चुनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, और इस चुनाव के परिणाम जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ने की संभावना रखते हैं।