भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का गंभीर आरोप: पीएसी अध्यक्ष पर सरकार को बदनाम करने का आरोप

नई दिल्ली:  लोक लेखा समिति (PAC) के सदस्यों और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने हाल ही में एक विवादास्पद पत्र लिखकर समिति के अध्यक्ष के सी वेणुगोपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दुबे का कहना है कि वेणुगोपाल केंद्र सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से काम कर रहे हैं और देश की वित्तीय संरचना तथा अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने में संलग्न हैं। इस पत्र में उन्होंने लोकसभा सभापति ओम बिरला से आग्रह किया है कि वे इस मामले की जांच करें और सुनिश्चित करें कि राजनीति के दुरुपयोग की अनुमति न दी जाए।

इस बीच, खबरें यह भी सामने आई हैं कि लोक लेखा समिति सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच को तलब कर सकती है। उन पर अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा पेशेवर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। ये आरोप गंभीर हैं और यदि सच साबित होते हैं, तो यह न केवल सेबी की साख को प्रभावित कर सकता है, बल्कि वित्तीय बाजारों में भी अस्थिरता ला सकता है।

दुबे ने आरोप लगाया है कि के सी वेणुगोपाल ने अपनी राजनीतिक ताकत का दुरुपयोग करते हुए अपनी स्थिति को ऐसे मामलों में अपनी लाभ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की है, जो सीधे तौर पर राष्ट्रीय हितों से जुड़े हैं। उनका यह पत्र देश की वित्तीय नीति और उसके सुचारु संचालन पर उठाए गए सवालों को लेकर चिंता पैदा कर रहा है।

राजनीतिक संघर्ष और आरोपों के इस खेल में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि लोक लेखा समिति आगे क्या कदम उठाती है और क्या वह माधबी पुरी बुच को तलब करने का निर्णय लेती है या नहीं। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं और राजनीतिक दुरुपयोग के बीच की कड़ी पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।