“कोषाध्यक्ष सहदेव का बड़ा बयान: PT उषा के आरोप निराधार, ओलंपिक सम्मान समारोह पर नहीं हुई चर्चा”
नई दिल्ली: भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) में चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है जब कोषाध्यक्ष सहदेव यादव ने अध्यक्ष पीटी उषा के आरोपों का खंडन किया। उषा ने हाल ही में आरोप लगाया था कि आईओए कार्यकारी समिति के सदस्य ओलंपिक पदक विजेताओं को सम्मानित करने में विफल रहे हैं, साथ ही उन्होंने वित्त समिति पर पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए खिलाड़ियों की तैयारी के कोष को रोकने का भी आरोप लगाया।
सहदेव ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि कार्यकारी समिति के सदस्यों के साथ इस मामले में कोई चर्चा नहीं हुई है, और पेरिस ओलंपिक 2024 के पदक विजेताओं के लिए सम्मान समारोह का कोई आधिकारिक प्रस्ताव भी नहीं है। उन्होंने उषा पर आरोप लगाया कि वह आईओए संविधान के अनुसार जिम्मेदारी लेने के बजाय झूठ फैलाने और ‘मनगढ़ंत बातें’ करने का प्रयास कर रही हैं।
सहदेव ने यह भी कहा कि वे समझ नहीं पा रहे कि उषा पूरे देश में झूठ क्यों फैला रही हैं, जबकि उनके आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि उषा के बार-बार के प्रयास और प्रस्ताव केवल सफेद झूठ हैं, जिन्हें वह मीडिया के सामने गढ़ रही हैं।
इस विवाद के बीच, उषा ने यह भी उल्लेख किया कि पेरिस ओलंपिक में भारत ने कुल छह पदक जीते हैं, जिनमें से दो कांस्य पदक युवा निशानेबाज मनु भाकर ने जीते। उषा का कहना है कि उन्हें इस बात का दुख है कि कार्यकारी समिति उनकी सफलता का जश्न नहीं मनाना चाहती।
सहदेव ने यह स्पष्ट किया कि कार्यकारी समिति और वित्त समिति द्वारा अनुशंसित और अनुमोदित किसी भी प्रस्ताव का भुगतान उन्हें बिना किसी देरी के किया गया है। यह विवाद न केवल आईओए की आंतरिक राजनीति को उजागर करता है, बल्कि भारतीय खेल जगत में भी एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गया है, जो खिलाड़ियों और ओलंपिक आयोजनों की तैयारी के लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता को प्रभावित कर सकता है।
