सैलजा की नाराजगी पर, मिल रहे ऑफर पर ऑफर किसको मिलेगा मौका

नई दिल्ली | हरियाणा में इस बार के विधानसभा चुनाव में दलित वोटों को काफी निर्णायक माना जा रहा है| कांग्रेस का पूरा दारोमदार जहां दलित मतों पर टिका है तो वहीं विपक्ष की रणनीति है कि लोकसभा में कांग्रेस को मिले दलित वोटों में सेंध लगाई जाए| कुमारी सैलजा की नाराजगी को बीजेपी से लेकर बसपा तक दलित स्वाभिमान से जोड़ रही है|

बता दें कि हरियाणा विधानसभा चुनाव प्रचार से कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा के दूरी बनाए रखने के चलते राजनीति गरमा गई है| कांग्रेस हाईकमान और भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सैलजा को लकेर जहां सैलजा को लेकर खामोशी इख्तियार कर रखी है तो बीजेपी से लेकर बसपा तक इस बात का मुद्दा बनाने में जुटी है| बीजेपी नेता व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, अर्जुन मेघवाल ही नहीं बसपा के कार्डिनेटर आकाश आनंद ने कुमारी सैलजा को अपने दलों में आने का ऑफर दिया है| इस तरह हरियाणा का पूरा चुनाव कुमारी सैलजा के मुद्दे पर सिमट गया है|

कांग्रेस की दिग्गज नेता और पार्टी की दलित चेहरा माने जाने वाली कुमारी सैलजा 12 सितंबर से साइलेंट मोड में है| विधानसभा चुनाव प्रचार में अभी तक नहीं उतरी है, जिसे विपक्षी दल कांग्रेस के खिलाफ चुनाव में सियासी हथियार बनाने में जुटे हैं| बसपा और बीजेपी की तरफ से सैलजा को ऑफर पर ऑफर देकर चुनावी एजेंडा सेट किए जाने लगे हैं| अब बसपा प्रमुख मायावती ने कुमारी सैलजा के बहाने दलित नेताओं और अपने समुदाय को साधने का बड़ा सियासी दांव चला है| ऐसे में देखना है कि चुनाव में किसे नफा और किसे नुकसान पहुंचता है?