“FBI की जानकारी पर सीबीआई की बड़ी कार्रवाई: साइबर अपराधी गिरफ्तार”

नई दिल्ली:  सीबीआई ने एफबीआई के साथ मिलकर एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुंबई से एक प्रमुख अपराधी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन चक्र-3’ के तहत की गई है, जिसमें अमेरिकी जांच एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर के अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों के खिलाफ शिकंजा कसने का लक्ष्य है।

अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान सीबीआई ने एक जटिल वर्चुअल संपत्ति और सोना-चांदी आधारित अपराध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जो पिछले दो वर्षों से लोगों को निशाना बना रहा था। गिरफ्तार किए गए अपराधी, विष्णु राठी, पर आरोप है कि उसने खुद को तकनीकी सहायक बताकर एक अमेरिकी नागरिक से 4.5 लाख अमेरिकी डॉलर की ठगी की। सीबीआई ने राठी के ठिकानों पर छापेमारी कर 57 सोने की छड़ें, 16 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन, क्रिप्टोकरेंसी के प्रबंधन में इस्तेमाल होने वाले लैपटॉप, लॉकर के विवरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।

जांच में पता चला है कि यह अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क अपराध से अर्जित धन को वर्चुअल परिसंपत्तियों और सोने-चांदी में बदल रहा था। सीबीआई ने 9 सितंबर को राठी और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसमें आरोप है कि आरोपियों ने पीड़ित के कंप्यूटर और बैंक खाते तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त कर एक अमेरिकी नागरिक को ठगा। आरोपियों ने पीड़िता को यह झांसा दिया कि उसके बैंक खाते में धन जोखिम में है, और इसके चलते उसने अपने क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में 4,53,953 अमेरिकी डॉलर का अंतरण करवा लिया।

सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि एजेंसी एफबीआई और अन्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है, और इंटरपोल के माध्यम से सुरागों पर कार्रवाई की जा रही है। ‘ऑपरेशन चक्र-3’ का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर संगठित वित्तीय साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ समन्वित कानूनी प्रतिक्रिया और कार्रवाई सुनिश्चित करना है, ताकि इस प्रकार के अपराधों को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके।

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