तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने भारत को अपना स्थाई घर बताया
नई दिल्ली: तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने भारत को अपना स्थाई घर बताते हुए कहा है कि उनके लिए अब चीन लौटने का कोई मतलब नहीं रह गया है।
तवांग मुठभेड के बारे में कल हिमाचल प्रदेश के कांगडा हवाई अड्डे पर एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि यूरोप, अफ्रीका और एशिया में भी स्थिति में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि चीन भी लचीला रूख अपना रहा है, लेकिन वहां लौटने का सवाल नहीं है।
दलाई लामा का ये बयान 9 दिसम्बर को अरूणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झडप के बाद आया है। भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों की घुसपैठ का दृढता से जवाब दिया था। जून 2020 में लद्दाख में गलवान इलाके में भारत और चीन की सेनाओं के बीच संघर्ष के बाद ये पहली मुठभेड है।
दलाई लामा का दिल्ली में तीन दिन रूकने का कार्यक्रम हैं इसके बाद वे आध्यात्मिक उपदेशों और दूसरे कार्यों के लिए बिहार के बोध गया जाएंगे।
