केरल के कोल्‍लम में भारत के पहले मंकीपॉक्‍स रोगी की पुष्टि हुई, केन्‍द्र ने सभी राज्‍यों को संदिग्‍ध मामलों की पूरी जांच सुनिश्चित करने को कहा

नई दिल्ली :- केरल के कोल्‍लम जिले में मंकीपोक्‍स के रोगी की पुष्टि होने के बाद केन्‍द्र ने विभिन्‍न विशेषज्ञों की उच्‍चस्‍तरीय टीम राज्‍य में भेजी है ताकि वहां के स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों के साथ सहयोग कर सके।

केंद्रीय टीम में राष्‍ट्रीय रोग नियंत्रण केन्‍द्र और नई दिल्‍ली के डॉ. आर.एम.एल. अस्‍पताल के विशेषज्ञ और स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय से एक वरिष्‍ठ अधिकारी शामिल हैं।

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कहा है कि विशेषज्ञों की टीम राज्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के साथ काम करेगी और स्‍थि‍ति का जायजा लेगी ताकि आवश्‍यक जन स्‍वास्‍थ्‍य उपायों की सिफारिश की जा सके।

मंत्रालय ने कहा है कि सरकार स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए ध्‍यानपूर्वक सक्रिय उपाय कर रही है और बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए राज्‍यों के साथ समन्‍वय कर रही है।
केन्‍द्र सरकार ने मंकीपॉक्‍स बीमारी से निपटने के लिए राज्‍यों और केन्‍द्रशासित प्रदेशों को स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के दिशा निर्देशों का पालन करने को कहा है।

केन्द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सचिव राजेश भूषण ने राज्‍यों और केन्‍द्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा कि मंकीपॉक्‍स बीमारी पूरे विश्‍व में फैल रही है। इससे निपटने के लिए पहले से ही तैयारी करनी होगी और देश में भी जनस्‍वास्‍थ्‍य तंत्र को मजबूत करना होगा।

केन्‍द्र ने प्रवेश मार्गों पर तैनात जांच दलों, निगरानी दलों, संदिग्‍ध रोगियों की पहचान और उपचार में लगे डॉक्टरों सहित सभी सम्‍बद्ध पक्षों से तैयार रहने को कहा है।

मंकीपॉक्‍स से लोगों की मृत्‍यु रोकने के लिए स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने रोगी पृथकवास, निगरानी और उपचार उपायों पर ध्‍यान केन्द्रित करने का निर्देश दिया है।