विकसित देशों के समूह जी-7 का शिखर सम्मेलन जर्मनी में शुरू
नई दिल्ली :- जी-7 देशों का शिखर सम्मेलन कल जर्मनी के बवेरियन आल्प्स में शुरू हुआ। सम्मेलन में की गई प्रारंभिक घोषणाओं में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विकासशील देशों को छह खरब डॉलर की ढांचागत सहायता शामिल है। इसे चीन की बैल्ट एंड रोड- योजना के प्रति पश्चिमी देशों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि यह कोई सहायता या धर्मार्थ राशि नहीं है बल्कि एक निवेश है जो अमरीकी जनता सहित, जी-7 के सभी देशों के लोगों के लिए लाभदायक है। उन्होंने कहा कि इससे हम सभी की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। चीन पर यह आरोप रहा है कि वह खरबों डॉलर की बैल्ट एंड रोड योजना के माध्यम से कम आय वाले देशों को मंहगे ऋणों के जाल में फंसा रहा है।
यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष वर्सुला वॉन डे लायन ने कहा है कि जी-7 देश टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण ढांचे के लिए काम कर रहे हैं और वे जरूरतमंद देशों की मांग पर ध्यान देंगे।
जी-7 सम्मेलन शुरू होने से थोडी देर पहले ब्रिटेन ने घोषणा की कि वह अमरीका, जापान और कनाडा के साथ रूस से सोने के नये आयात पर रोक लगायेगा ताकि रूस के खिलॉफ प्रतिबंधों के आर्थिक प्रभाव कडे किए जा सकें।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एक बयान में कहा कि संयुक्त कार्रवाई रूस के कुलीन वर्ग और पुतिन के आक्रामक रवैय को सीधे प्रभावित करेगी। अमरीका ने कहा कि इस फैसले की औपचारिक घोषणा जी-7 द्वारा मंगलवार को की जाएगी।
