असम और मेघालय सरकार ने सीमा विवाद के समाधान के लिए ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किये

नई दिल्ली :- असम और मेघालय सरकार ने कल नई दिल्‍ली में सीमा विवाद के समाधान के लिए एक समझौते पर हस्‍ताक्षर किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्‍थिति में समझौते पर हस्‍ताक्षर किए गए।

गृह मंत्रालय ने कहा है कि ये समझौता साझी संघवाद को बढावा देता है और राज्‍यों के बीच के सीमा विवादों के समाधान के लिए एक मार्ग प्रशस्‍त करता है।

पूर्वोत्‍तर के लिए आज के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए शाह ने कहा कि असम और मेघालय के मुख्‍यमंत्रियों ने अंतरराज्‍यीय विवाद के समाधान के लिए इस समझौते पर हस्‍ताक्षर किए हैं। इससे इन क्षेत्रों में रहने वालों को काफी लाभ पहुंचेगा, शांति सुनिश्चित होगी और विकास को बढावा मिलेगा।

उन्‍होंने यह भी कहा कि केंद्र ने प्रधानमंत्री के नेतृत्‍व में शांति, विकास और सांस्‍कृतिक धरोहर के संरक्षण को सुनिश्चित बनाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। शाह ने कहा कि उग्रवाद को समाप्‍त करने और पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में स्‍थायी शांति के लिए पिछले तीन वर्षों में कई समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए गए हैं।

समझौते पर हस्‍ताक्षर करने के बाद मेघालय के मुख्‍यमंत्री कॉनराड संग्‍मा ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने विवाद के तुरंत समाधान पर जोर दिया है। उन्‍होंने सक्रिय सहयोग के लिए असम के मुख्‍यमंत्री हिमंता बिस्‍वा सरमा को धन्‍यवाद दिया है। उन्‍होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच सहयोग को बढावा देने के लिए मेघालय सरकार आगे भी कदम उठाती रहेगी।

इस अवसर पर असम के मुख्‍यमंत्री हिमंता बिस्‍वा सरमा ने भी समझौते को ऐतिहासिक बताया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री, पूर्वोत्‍तर को विकास का अग्रणी क्षेत्र बनाने के इच्‍छुक हैं। सरमा ने कहा कि दोनों राज्‍य सरकारों ने विवादित स्‍थानों के समाधान के लिए भी कदम उठाए हैं।