प्रधानमंत्री ने वर्चुअल माध्‍यम से स्वामित्‍व योजना के तहत उत्‍तर प्रदेश के 20 लाख से अधिक निवासियों को घरौनी का वितरण किया

नई दिल्ली :- प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज वर्चुअल माध्‍यम से स्वामित्‍व योजना के तहत राज्य के 20 लाख से अधिक निवासियों को ‘घरौनी’ का वितरण किया।

प्रधानमंत्री ने कई शहरी विकास और शिक्षा क्षेत्र की परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया। उन्‍होंने कहा कि उत्‍तर प्रदेश में 23 लाख से अधिक निवासियों के लिए ग्रामीण आवासीय अधिकार रिकॉर्ड ‘घरौनी’ तैयार है। इससे गरीबों, दलितों और पिछड़े वर्गों को अपने मकान पर अवैध कब्‍ज़े की चिंता से मुक्ति मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि श्‍वेत क्रांति किसानों की आय बढ़ाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्‍होंने कहा कि इसी कारण से केन्‍द्र और उत्‍तर प्रदेश सरकार डेयरी क्षेत्र में किसानों को लगातार सहायता प्रदान कर रही हैं।

प्रधानमंत्री आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बनास डेयरी की आधारशिला रखने सहित, दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की 27 विकास परियोजनाओं की शुरुआत के अवसर पर बोल रहे थे। मोदी ने आज किसान दिवस के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को स्‍मरण किया।

उन्‍होंने किसानों से अपील की कि वे खेती के सबसे सुरक्षित तरीके – प्राकृतिक खेती को अपनाएं। उन्‍होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र को आत्‍मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक बड़ा प्रयास होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गाय और गाय के गोबर की बात करना कुछ लोगों की नजर में अपराध है, लेकिन वास्‍वत में गाय हमारी माता है। उन्‍होंने कहा कि ऐसे लोग ये भूल जाते हैं कि आठ करोड़ से अधिक लोगों का जीवन इन पर निर्भर है।

मोदी ने कहा कि प्राचीन काल से गाय देश की समृद्धि का प्रतीक रही है, लेकिन कुछ समय से डेयरी क्षेत्र की उपेक्षा की जा रही थी। उन्‍होंने कहा कि अब मौजूदा सरकार इस क्षेत्र के विकास के लिए कई उपाय कर रही है। इसके लिए कई योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी का परिणाम है कि पिछले छह-सात वर्षों में दुग्‍ध उत्‍पादन में 45 प्रतिशत वृद्धि हुई है। उत्‍तर प्रदेश दुग्‍ध उत्‍पादन में पहले स्‍थान पर है और वह इस क्षेत्र के विस्‍तार में भी अग्रणी बना हुआ है।

मोदी ने कहा कि भारत के डेयरी उत्‍पादों के लिए बड़ा अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार है। उन्‍होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र और जन सामान्‍य के लिए दूध की गुणवत्‍ता सुनिश्चित करना एक समस्‍या रही है, इसी वजह से आज कामधेनु गाय की तस्‍वीर के साथ एक ‘लोगो’ भी जारी किया जा रहा है।

मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग काशी विश्‍वनाथ धाम के विकास से खुश नहीं है। उन्‍होंने कहा कि अब काशी, विकास का मॉडल बन रहा है। यह दिखाता है कि प्राचीन ढांचे को यथावत बनाए रखते हुए शहर का विकास कैसे किया जा सकता है।

इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि हाल में काशी विश्‍वनाथ धाम के उद्घाटन के बाद पूरा विश्‍व  वाराणसी की ओर देख रहा है, जिसका न केवल भौतिक बल्कि आध्‍यात्मिक विकास भी किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कखरियाओं में उत्‍तर प्रदेश राज्‍य औद्योगिक विकास प्राधिकरण फूड पार्क में बनास डेयरी संकुल की आधारशिला भी रखी। तीस एकड़ भूमि में फैली इस डेयरी के निर्माण पर लगभग चार सौ 75 करोड़ रुपये लागत आएगी। इसमें प्रति दिन पांच लाख लीटर दूध प्रसंस्‍करण की सुविधा होगी।

मोदी ने रामनगर में दुग्‍ध उत्‍पादक सहकारी संघ संयंत्र के लिए बायो गैस आ‍धारित बिजली उत्‍पादन संयंत्र की भी आधारशिला रखी।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की सहायता से भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा विकसित दुग्ध उत्पादों की  मूल्यांकन योजना के एक पोर्टल की शुरूआत की और ”लोगो” जारी किया।