गृहमंत्री अमित शाह ने जोर देकर कहा- सरकार की नीति आतंकवाद को कतई बर्दाश्‍त नहीं करने की

गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के तीन दिन के दौरे के बाद आज सवेरे दिल्‍ली लौट आए।

गृहमंत्री कल अपने दौरे को आगे बढाने के बाद पुलवामा के लेथपोरा में केन्‍द्रीय रिजर्व पुलिस बल के परिसर में रात में रूके जहां फरवरी 2019 में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों के एक आत्मघाती कार हमलावर ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था जिसमें बल के 40 जवान शहीद हो गए थे।

गृह मंत्री ने सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया और 2019 में आतंकी हमले में देश के लिए बलिदान देने और अपने प्राणों की आहुति देने वाले सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजलि दी।

सीआरपीएफ के जवानों को इस बात की खुशी थी कि देश के गृहमंत्री उनसे मिलने आए और परिसर में रात बिताई।

गृहमंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलवामा में जवानों के साथ रात बिताना उनके लिए सम्मान की बात है।अमित शाह ने कहा कि सेना, सीमा सुरक्षा बल, केन्‍द्रीय रिजर्व पुलिस बल और सशस्‍त्र सीमा बल देश की सीमा की हर कदम पर रक्षा कर रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि कश्मीर में विकास का एक नया युग शुरू हो गया है, जिसका असर स्‍पष्‍ट दिखाई दे रहा है। सी आर पी एफ परिसर में दो हजार करोड़ रूपये की लागत से मेडिकल कालेज बनाया जाएगा।

शाह ने कल शाम विश्‍व प्रसिद्ध डल झील में शिकारा महोत्‍सव भी देखा।

कल शेर ए कश्‍मीर अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन केन्‍द्र में लोगों को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने पाकिस्‍तान के साथ बातचीत की वकालत करने के लिए नैशनल काफ्रेंस प्रमुख डॉ. फारूख अब्‍दुल्‍ला की आलोचना की। उन्‍होंने कहा कि सरकार जम्‍मू कश्‍मीर के युवाओं और लोगों से प्रदेश को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए बातचीत करेगी।

शाह ने जोर देकर कहा कि सरकार का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद का सफाया करना और नागरिक हत्याओं को पूरी तरह से बंद करना है।

गृहमंत्री ने कहा कि किसी को भी जम्मू-कश्मीर में शांति और विकास की प्रक्रिया को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रधानमंत्री के दिल में जम्‍मू कश्‍मीर के प्रति विशेष लगाव है।

शाह ने कहा कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्‍त नहीं किया जायेगा क्‍योंकि यह मानवता के खिलाफ है।

गृहमंत्री ने बेमिना में 115 करोड रूपये की लागत से बने पांच सौ बिस्‍तरों के अस्‍पताल का लोकार्पण किया और हंदवाडा में मेडिकल कॉलेज सहित चार हजार करोड  रूपये की सडक परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।