सरकार ने कार्यस्थल पर लोगों में तनाव कम करने और काम में रूचि बनाये रखने के लिए योग ब्रेक मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया

नई दिल्ली :- स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत केन्द्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कल शाम नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्रियों- किरेन रिजिजू, जितेन्द्र सिंह, मीनाक्षी लेखी और डॉ. मुंजपरा महेन्द्रभाई के साथ योग-ब्रेक मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया।
पांच मिनट के इस ‘योग ब्रेक प्रोटोकाल’ में उपयोगी योगासन शामिल किये गए हैं जो कार्यस्थल पर तनाव से मुक्ति दिलाने, ताजगी महसूस करने और कार्य पर फिर से ध्यान केन्द्रित करने में मदद करेगा।
योग-ब्रेक की धारणा विश्वभर में व्यवसायियों के लिए कारगर सिद्ध हुई है। यह ऐप एक परीक्षण प्रोटोकॉल के अंतर्गत विशेषज्ञों ने ध्यानपूर्वक विकसित किया है।
योग के फायदे गिनाते हुए आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि कॉरपोरेट व्यावसायियों और अन्य कार्मिकों को अकसर अपने काम की वजह से तनाव महसूस होता है।
उन्होंने कहा कि कामकाजी लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखकर वाईब्रेक ऐप विकसित किया गया है, जो उन्हें कार्यस्थल पर कुछ राहत प्रदान करेगा।
इस अवसर पर आयुष राज्य मंत्री डॉ. मुंजपरा महेन्द्रभाई ने कहा कि वायुब्रेक-एप्लीकेशन विभिन्न योगासनों के बारे में जागरूकता पैदा करेगा और लोगों को उनकी सुविधा के अनुसार किसी भी समय योग पद्धति का अनुपालन करने में मदद करेगा।
संस्कृति मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि वाईब्रेक-ऐप मानव जाति को स्थायित्व हासिल करने में योगदान करेगा और यह हमारे जीवन से तनाव दूर करने में मददगार होगा।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि योग को प्रोत्साहित करने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना सराहनीय कदम है। विधि मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आयुष मंत्रालय बड़े सरल तरीकों से योग का प्रचार कर रहा है।
आजादी का अमृत महोत्सव श्रृंखला के अंतर्गत भारत सरकार स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए अनेक कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। आयुष मंत्रालय इस सिलसिले में 30 अगस्त से 5 सितम्बर तक विशेष सप्ताह मना रहा है, जिसमें आयुष संबंधी विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इनमें वाईब्रेक-ऐप का शुभारंभ, आयुष चिकित्सा प्रणाली के लिए स्कूलों में शिविरों का आयोजन, रोग निरोधक दवा के रूप में अश्वगंधा का प्रचार और किसानों तथा अन्य लोगों के लिए औषधीय पौधों का वितरण शामिल है।
