सरकार ने मॉडर्ना कोविड वैक्‍सीन के सीमित उपयोग को मंजूरी दी

नई दिल्ली :- स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने आज कहा कि देश में कोविड संक्रमण के दैनिक मामलों में लगातार कमी आ रही है और स्‍वस्‍थ होने की दर में निरंतर सुधार हो रहा है।

मंत्रालय में संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने कल नई दिल्‍ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सात मई को संक्रमण के अधिकतम चार लाख चौदह हजार के करीब मामले सामने आने के बाद से दैनिक मामलों में लगातार कमी आई है।

उन्‍होंने कहा कि अब प्रतिदिन नए मरीजों की संख्‍या में लगभग 91 प्रतिशत की कमी दर्ज की जा रही है। उन्‍होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 37 हजार पांच सौ छयासठ मरीजों की पुष्टि हुई है।

अगवाल ने यह भी बताया कि चार मई तक देश में पांच सौ इकत्‍तीस ऐसे जिले थे जहां प्रतिदिन संक्रमण के सौ से अधिक मामले सामने आ रहे थे। अब ऐसे जिलों की संख्‍या घटकर एक सौ ग्‍यारह रह गई है।

उन्‍होंने बताया कि देश में दस मई तक संक्रमण के सैंतीस लाख से अधिक सक्रिय मामले थे और निरंतर कमी के बाद अब यह पचासी प्रतिशत कम होकर पांच लाख बावन हजार रह गई है। संक्रमण से ठीक होने की दर के बारे में श्री अग्रवाल ने बताया कि देश में स्‍वस्‍थ होने की दर लगातार बढ रही है।

उन्‍होंने कहा कि तीन मई को स्‍वस्‍थ होने की दर इक्‍यासी दशमलव आठ प्रतिशत थी जो अब छियानबें दशमलव नौ प्रतिशत पर पहुंच गई है।

कोविड नमूनों की जांच के बारे में संयुक्‍त सचिव ने कहा कि मरीजों की संख्‍या में तेजी से कमी आ रही है और कोविड जांच पर ध्‍यान दिया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि वर्तमान में देश में पांच सौ 65 ऐसे जिले हैं जहां संक्रमण दर पांच प्रतिशत से भी कम है।

अग्रवाल ने कहा कि आज शाम तीन बजे तक देश में तैंतीस करोड टीके लगाए जा चुके थे। उन्‍होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में एक मई से चौबीस जून के बीच टीकों की नौ करोड बहत्‍तर लाख खुराक दी गई जो कुल टीकाकरण का छप्‍पन प्रतिशत है। शहरी क्षेत्रों में लोगों को टीके की सात करोड अडसठ लाख खुराक दी गई है जो कुल टीकाकरण का चवालीस प्रतिशत है।

अगवाल ने यह भी बताया कि भारत कुल लगाए टीकों के संदर्भ में विश्‍व में सबसे आगे है। उन्‍होंने कहा कि अमरीका में एक सौ तिरानबें दिनों में बत्‍तीस करोड टीके लगाए गए जबकि भारत में इतने ही टीके केवल एक सौ तिरसठ दिन में लगाए गए।

नीति आयोग के सदस्य, स्वास्थ्य डॉक्‍टर वी. के. पॉल ने आज कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित कोविड वैक्सीन मॉडर्ना को सीमित उपयोग के लिए अनुमति दे दी गई है।

पत्रकारों से बातचीत में डॉक्‍टर पॉल ने कहा कि मॉडर्ना की भारत में सहायक कम्‍पनी सिप्ला के माध्यम से प्राप्त आवेदन को मंजूरी दी गई है।

उन्होंने कहा कि इससे निकट भविष्य में भारत में टीके के आयात की संभावना बढेगी। उन्होंने कहा कि इससे देश में वैक्सीन की उपलब्‍धता और बढेगी। देश में तीन वैक्सीन कोविशील्ड, कोवैक्सिन और स्पूतनिक-वी उपलब्‍ध हैं।

डॉक्‍टर पॉल ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित अन्‍य टीकों विशेषकर फाइजर और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्‍सीन देश में उपलब्‍ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं और इस संबंध में प्रक्रिया जारी है।