प्रशिक्षण के दौरान अभियंताओं को बताया गया कि राज्य शासन द्वारा मुख्य तकनीकी परीक्षक सतर्कता कार्यालय को नॉन डिस्ट्रेक्टिव टेस्टिंग (एनडीटी) उपकरणों के माध्यम से विभिन्न शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी निर्माण कार्यों में कांक्रीट की गुणवत्ता परीक्षण के लिए अनुमति प्रदान की गई है।

डिजीटल रिबाउंड हैमर उपकरण के लिए परीक्षण शुल्क 2500 रूपए प्रति रीडिंग और अल्ट्रासोनिक पल्स वेलोसिटी उपकरण के लिए परीक्षण शुल्क 3000 रूपए प्रति रीडिंग निर्धारित किया गया है। परीक्षण शुल्क ऑनलाईन अथवा कार्यालय में जमा किया जा सकता है। मुख्य तकनीकी परीक्षक सतर्कता की टीम कार्य स्थल पर पहुचकर कांक्रीट की गुणवत्ता का परीक्षण एनडीटी उपकरण से करेगी।

ई-परीक्षक मॉड्यूल में प्रत्येक जिले के आवेदकों के लिए न्यूनतम परीक्षण निर्धारित किया है। जिसमे बलरामपुर एवं जशपुर में न्यूनतम 4 परीक्षण कराना अनिवार्य है।

इसी तरह बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोरिया, सुकमा, सूरजपुर एवं सरगुजा में 3 परीक्षण, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, कांकर, कोण्डागांव, कोरबा, नारायणपुर, रायगढ़ एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 2 परीक्षण और बालोद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, गरियाबंद, महासमुन्द, मुंगेली, रायपुर एवं राजनांदगांव में एक परीक्षण किए जाएंगे।

न्यूनतम परीक्षण संख्या के अतिरिक्त प्रत्येक परीक्षण में चयनित उपकरण के आधार पर परीक्षण शुल्क की राशि में वृद्धि होगी।